JITAN-RAM-@-CM-------340__588835847पटना। बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी एक बार फिर विवादास्पद बयान देकर विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं। मांझी ने इस बार कहा कि कालाबाजारी करने वाले अपने बच्चों का पेट भरने और पटना के निजी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए ऐसा करते हैं तो मैं उनको धन्यवाद देना चाहता हूं। मांझी ने पटना के राज्य खाद्यान्न व्यवसायी संघ की ओर से मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि छोटे व्यापारी लाभ के लिए जमाखोरी और कालाबाजारी में लिप्त होते हैं, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें और अपने बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा दिला सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य के मुखिया के नाते वह कह रहे हैं कि ऐसे लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि राज्य सरकार छोटे स्तर पर जमाखोरी और कालाबाजारी के लिए आपको दंडित नहीं करेगी। उन्होंने छोटे व्यपारियों को पकड़ने की जगह बड़े व्यापारियों पर नकेल कसने की बात की और कहा कि हम मगरमच्छ पकड़ते हैं, पोठिया नहीं।
इस बयान को लेकर विपक्षी दल के नेताओं ने मुख्यमंत्री पर हमला बोल दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रामेश्वर चौरसिया ने कहा कि छोटे व्यापारी हों या बड़े व्यापारी कानून सबके लिए समान है। संवैधानिक पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति को ऐसा बयान देना शोभा नहीं देता।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता तारिक अनवर ने भी ऐसे बयान की निंदा करते हुए कहा कि सरकार का काम कालाबाजारी रोकना है। मांझी इसके पूर्व कई मौके पर विवादास्पद बयान दे चुके हैं। हालांकि बाद में वह अपने बयानों से पलट गए हैं। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव में जनता दल (युनाइटेड) की करारी हार के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और मांझी मुख्यमंत्री बने हैं।

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