Britain Cricket England Indiaनई दिल्ली। टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एजबेस्टन में खेले गए चौथे वनडे मैच में इंग्लैंड को नौ विकेट से करारी मात दे दी। इसके साथ ही टीम इंडिया ने पांच मैचों की वनडे सीरीज पर भी कब्जा कर टेस्ट सीरीज में हार का हिसाब बराबर कर लिया। टीम इंडिया ने खेल के हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन चौथे वनडे में पांच बातें ऐसी रहीं जिसने टीम इंडिया की जीत की नींव रखी।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर मेजबान इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाना टीम के पक्ष में गया। इंग्लैंड के बल्लेबाज एक बार फिर फेल हुए। मोइन अली (67 रन), जो रूट (44 रन) और इयॉइन मॉर्गन (32 रन) के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज क्रीज पर नहीं टिक सका। कप्तान एलिस्टर कुक भी कुल 9 रन बनाकर आउट हुए।
टीम इंडिया के गेंदबाजों ने कप्तान धोनी के पहले गेंदबाजी के फैसले को सही साबित किया। टीम इंडिया के गेंदबाजों ने इंग्लैंड की ओपनिंग जोड़ी को जमने नहीं दिया। इंग्लैंड के कप्तान कुक जहां 9 रन पर भुवनेश्वर का शिकार बने वहीं एलेक्स हेल्स भी भुवनेश्वर की गेंद पर ही आउट हो गए। टीम इंडिया के गेंदबाजों की कसी गेंदबाजी की बदौलत इंग्लैंड पावर प्ले के दस ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर केवल 23 रन ही बना सका। जबकि टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने शानदार शुरुआत की। पावर प्ले के पहले 10 ओवर में टीम ने बिना किसी नुकसान के 45 रन बनाए। यहीं से टीम को मजबूत शुरुआत मिली और टीम आसानी से लक्ष्य का पीछा करने में सफल रही।
टीम इंडिया की घातक गेंदबाजी
टीम इंडिया के गेंदबाजों ने बहुत ही घातक गेंदबाजी की। मोहम्मद शमी ने 7.3 ओवर में 28 रन देखर तीन विकेट चटकाए। उनके अलावा भुवनेश्वर कुमार ने 8 ओवर में 14 रन के खर्च पर दो विकेट झटके। रवींद्र जडेजा ने 40 रन देने के बाद दो बल्लेबाजों को आउट किया। रविचंद्रन अश्विन और सुरेश रैना को 1-1 विकेट मिला। इंडिया के गेंदबाजों के आगे इंग्लैंड के बल्लेबाज बेबस नजर आए। ऐसा लग ही नहीं रहा था कि यह वही बल्लेबाज है जिन्होंने टेस्ट मैच में टीम इंडिया के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी।
पहले विकेट के लिए 183 रनों की साझेदारी
टीम इंडिया के लिए ओपनर रहाणे और शिखर ने पहले विकेट के लिए 28.4 ओवर में 183 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को इंग्लैंड दौरे में अबतक की सबसे आसान जीत दिला दी। भारत ने इस जीत के साथ इंग्लैंड से 2011 के दौरे में वनडे सीरीज में 0-3 से मिली हार का हिसाब चुकता कर लिया और साथ ही इस दौरे में टेस्ट सीरीज में 1-3 से मिली हार का गम काफी हद तक कम कर दिया। इंडिया के लिए यह जीत इसलिए और खास हो गई क्योंकि लंबे समय से आउट ऑफ फॉर्म चल रहे धुरंधर बल्लेबाज शिखर धवन भी मैच में अपने रंग में दिखाई दिए। धवन ने नॉट आउट 97 रन बनाए।
रूट और मोर्गन का कैच आउट होना
टीम इंडिया के लिए मैच में एक वक्त ऐसा समय आया जब लग रहा था कि इंग्लैंड मैच में वापसी कर रही है। शुरुआती तीन विकेट 23 रन पर गंवाने के बाद इंग्लैंड के बल्लेबाज जोए रूट और इयान मोर्गन ने टीम की कमान संभालते हुए संकट से निकाले की कोशिश की। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम का स्कोर 103 रन पर ले गए। ऐसा लग रहा था यह जोड़ी इंग्लैंड को मजबूत स्थित में पहुंचा देगी। लेकिन तभी रविंद्र जडेजा ने इयान मोर्गन को 32 रन के निजी स्कोर पर रैना के हाथों कैच आउट करा दिया। जोड़ी टूटने के बाद रूट भी ज्यादा देर तक न टिक सके और अपने 44 रन के निजी स्कोर पर सुरेश रैना के कुलकर्णी के हाथों कैच आउट करा दिया। इस समय टीम का स्कोर 5 विकेट पर 114 रन था।

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