126323-300x240नई दिल्ली। अनुभवी तेज गेंदबाज जहीर खान का मानना है कि भारत विदेशी सरजमीं पर प्रभाव छोड़ने में तब तक संघर्ष करता रहेगा जब तक कि बल्लेबाज अपने खेल में सुधार करके लगातार बड़ा स्कोर खड़ा नहीं करते।
विदेशी सरजमीं पर भारत का लचर प्रदर्शन हाल में इंग्लैंड के खिलाफ संपन्न टेस्ट श्रृंखला में भी जारी रहा जिसमें उसे 1-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। श्रृंखला के अंतिम दो मैच को भारत तीन अंतिम के भीतर हार गया।
जहीर खान ने कहा, ‘मुझे हमेशा से लगता है कि अगर आपने पहली पारी में 350 से अधिक रन बनाए हैं तो आप मैच में बने हुए हो। अगर आप इस स्कोर को हासिल नहंी करते तो आपको हमेशा वापसी करने की कोशिश करनी पड़ती है।’
उन्होंने कहा, ‘अतीत में हमें विदेशों में जो सफलता मिली उसमें अहम यह था कि हम अच्छा स्कोर खड़ा किया करते थे। उसे बात हम विकेट चटकाने की कोशिश करते थे।’ बायें हाथ के इस स्विंग गेंदबाज ने संकेत दिए कि आगामी चैम्पियन्स लीग ट्वेंटी20 में उनके खेलने की संभावना नहीं हैं लेकिन उन्होंने कहा कि वह चोट से अच्छी तरह उबर रहे हैं।
चैम्पियन्स लीग टी20 का आयोजन भारत में चार विभिन्न स्थलों पर 13 सितंबर से चार अक्तूबर तक किया जाएगा। जहीर ने 14 साल के अपने करियर में भारत की ओर से 92 टेस्ट और 200 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। आईपीएल के दौरान मुंबई इंडियन्स की आरे से किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ खेलते हुए जहीर के हाथ में चोट लगी थी।
जहीर ने इंग्लैंड में भारतीय तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर नजर रखी और उन्होंने कहा कि लार्ड्स टेस्ट में जीत के बाद इशांत शर्मा को गंवाने से भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा। इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘अगर लंबी श्रृंखला में कोई गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और प्रभाव छोड़ रहा है तो यह अहम होता है। हमें इसकी कमी खली। इस अनुभव से आप काफी कुछ सीख सकते हो। पूरा गेंदबाजी आक्रमण युवा है।’

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