आने वाले 18 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टïमी पर्व है। जिस दिन कान्हा का जन्म हुआ था। आज भी पूरे ब्रज में घर घर में रात 12 बजे कान्हा का जन्म होता है। पूजा अर्चना होती है। कान्हा के जन्म के साथ ही नन्द के आनंद हो जाते हैँ। आइये इस बार भी हम कान्हा का जन्म पूरे उल्लास के साथ मनायें और कुछ पूजा-उपाय कर दुखों से मुक्ति पायें।
हमारे जीवन की समस्याओं का निराकरण ज्योतिषीय उपायों से करने के लिए चार रात्रियां प्रसिद्ध है। यह चार रात्रियां हैं कालरात्रि (नरक चतुर्दशी या दीपावली), अहोरात्रि (शिवरात्रि) दारुणरात्रि (होली) एवं मोहरात्रि अर्थात जन्माष्टïमी। जन्माष्टमी पर जो जिस भाव, कामना को लेकर उपाय करेगा, उसे शीघ्र ही मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है। उपाय पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाना चाहिए। यह उपाय करें सभी दुख होंगे दूर…

– रात को लाल चंदन व केसर घिसकर उससे रंगा हुआ श्वेत वस्त्र यदि गल्ले या तिजोरी में कृष्ण भगवान का ध्यान करके बिछाएंगे, तो समृद्धि में वृद्धि होगी व अचानक धनहानि का अवसर जीवन में कभी नहीं आएगा।

– श्री धनदा यंत्र के साथ कमलगट्टे की माला सूती लाल वस्त्र में बांधकर अपने गल्ले या तिजोरी में धूप-बत्ती दिखाकर स्थापित करें। शीघ्र ही पैतृक धन संपत्ति प्राप्त होगी व धन संचित होगा।

– यदि कर्ज बढ़ गया है, तो उसे उतारने के लिए पीतांबर धारी कृष्ण भगवान के चरणों को चूम रही गाय का फोटो पूजा कक्ष में लगाएं। धीरे-धीरे कर्ज उतर जाएगा।

– धनार्जन के बावजूद धनसंचय नहीं हो पा रहा हो, तो गोपाल भगवान के पूजन के साथ कमल पुष्प का भी पूजन करें। पूजन के उपरांत उसे अपने धन के स्थान में पीले कपड़े में बांधकर रख लें।

– रात को गाय के घी में दो दीपक जलाकर गोपाल कृष्ण का ध्यान कर किसी एकांत स्थान पर परस्पर बत्तियां मिलाकर अपनी मनोकामना मन ही मन कहते हुए रख दें और परिणाम देखें।

– पैतृक संपत्ति या धन में कोई बाधा, समस्या आ रही हो तो पीपल के पांच पत्ते लेकर उन्हें पीले चंदन से रंगकर बहते हुए जल में बाधा निवारण का विचार करते हुए छोड़ दें।

– उच्चस्तरीय आर्थिक सफलता चाहते हों तो दिन में दक्षिणावर्ती शंख की पूजा करें। पूजा के बाद शंख को केसर का तिलक लगाकर उसे साबुत बासमती चावल से भरकर, उसमें चांदी का सिक्का रखकर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें।

– कर्ज बढ़ गया है और कोई मार्ग नजर नहीं आता है तो विष्णु भगवान को हल्दी की माला पहनाएं व अगले दिन उस माला को हरे सूती वस्त्र में बांधकर किसी स्वच्छ अलमारी या तिजोरी में रखें।

– विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान का पूजन करने के बाद जटायुक्त नारियल मनोकामना कहते हुए लाल वस्त्र में बांधकर साफ एकांत स्थल पर रख दें। जब मनोकामना पूर्ण हो जाए तो नारियल को कृष्ण मंदिर में जाकर लक्ष्मी मां के चरणों में चढ़ा दें।
janmastmi 2

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