नयी दिल्ली। वरिष्ठ भारतीय पत्रकार और पाकिस्तानी आतंकवादी सरगना हाफिज सईद के बीच हाल ही में हुई मुलाकात के मुद्दे पर लगातार दूसरे दिन भी संसद में कामकाज बाधित हुआ। सरकार ने कहा कि पत्रकार की पाकिस्तान यात्रा या सईद से मुलाकात का उसका दूर-दूर तक का वास्ता नहीं है। प्रश्नकाल स्थगित कर सरकार से जवाब की मांग पर अड़ी कांग्रेस के सदस्यों ने लोकसभा और राज्यसभा में प्रश्नकाल को बाधित किया और इस मसले पर हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही भोजनावकाश से पहले एक बार स्थगित करनी पड़ी। शून्यकाल में भी दोनों सदनों में यह मामला उठा तथा कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी सदस्यों ने इस मुलाकात को राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति चिंता का विषय बताते हुए आसन के समक्ष आकर नारेबाजी की।
बाद में दिए गए बयान में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार का पाकिस्तान में एक भारतीय पत्रकार की सर्वाधिक वांछित आतंकवादी हाफिज सईद से हाल ही में हुई मुलाकात से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होने कहा, मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ स्पष्ट कहना चाहती हूं कि वेदप्रताप वैदिक की पाकिस्तान यात्रा या हाफिज सईद से उनकी मुलाकात से भारत सरकार का दूर-दूर का भी संबंध नहंी है। उन्होंBudget Sessionने कहा, वैदिक ने ना तो पाकिस्तान जाने से पहले और न ही वहां जाकर हमें ऐसी कोई सूचना दी कि वह हाफिज सईद से मिलने वाले हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि वैदिक की पाकिस्तान यात्रा और सईद से मुलाकात शुद्ध रूप से निजी और व्यक्तिगत थी। सुषमा ने कहा कि ऐसे आरोप कि वैदिक किसी के दूत या किसी के चेले थे या भारत सरकार ने उन्हें मुलाकात की अनुमति दी थी, पूरी तरह से असत्य और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायोग से इस मुलाकात की पूरी रिपोर्ट तलब की गयी है।
उधर, राज्यसभा में सदन के नेता तथा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, यह एक व्यक्ति का राजनयिक दुस्साहस है। भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। इस व्यक्ति या इनके विचारों का न तो सरकार से और न ही पार्टी से कोई लेना-देना है। उनके इस बयान के बाद नारेबाजी कर रहे कांग्रेसी सदस्य आसन के समक्ष आ गए।
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जरूर सरकार में किसी न किसी ने इस मुलाकात में मदद की है। आजाद ने वैदिक का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया समूह डॉन को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि यदि वह भारत के प्रधानमंत्री होते हो सईद को बिना पासपोर्ट एवं वीजा के कश्मीर बुलाते। आजाद ने कहा कि वैदिक ने यह भी कहा कि वह पाक अधिकृत कश्मीर और जम्मू कश्मीर को मिलाकर एक अलग सत्ता बनाए जाने के पक्ष में हैं। आजाद ने कहा कि यह बेहद खतरनाक विचार है और इस तरह की बात अभी तक कश्मीर के किसी अलगाववादी ने भी नहीं की है।

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