कल्पना करो की धरती पे arpit jain
प्यास कैसे बुझाओगे? कैसे नहाओगे ? और तो और धोओगे कैसे ?

पानी नही रहा तो सब खल्ल्लास।। आखिर जल ही जीवन है भाई,
सुधर जाओ और पानी बचाओ !!

ये भी समझो —.कोल्ड ड्रिंक कम्पनिया रोजाना लाखो लीटर पानी व्यर्थ बहा देती हैं। कत्लखानो में एक पौंड मांस के उत्पादन में पच्चीस सौ गेलन पानी बर्बाद किया जाता है। सरकार हमसे तो कहती है कि शेविंग करते हुए वाश बेसिन का नल खुला मत छोड़ो। लोग अपनी जिम्मेदारी समझते भी हैं लेकिन ये सरकार अपनी जिम्मेदारी कब समझेगी ? इन् कंपनियों और कत्लखानो में जहां इतना अधिक पानी व्यर्थ हो रहा हो उसके लिए सरकार कुछ क्यों नही कहती?
विश्व पर्यावरण दिवस पर सारी जिम्मेदारी पब्लिक की ही है क्या ???
अर्पित जैन

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.