रेल मंत्री सदानंद गौड़ा के रेल बजट में जनता के लिए कई सौगातें होंगी। रेल बजट में यात्री सुविधाएं, महिला सुरक्षा, ट्रेन व स्टेशनों की सफाई और बेहतर खानपान सेवा सर्वोपरि होगा। नई ट्रेनों की घोषणाओं में तीर्थ यात्रियों के लिए श्रीशक्ति शुमार होने की संभावना है।

देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थालों के लिए श्रीशक्ति ट्रेनें दौड़ेंगी। बजट में बुलेट ट्रेन व सेमी हाई स्पीड सहित प्रीमियम ट्रेनों को तरजीह दी जाएगी। वहीं, गाजीपुर व मुगलसराया के लिए छोटे कारखानों की घोषणा हो सकती है। तेलंगाना राज्य और गुजरात को नए रेलवे जोन मुख्यालय का तोहफा मिल सकता है।

महंगाई की मार से कराह रही आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि रेल मंत्री सदानंद गौड़ा बजट में यात्री किराया नहीं बढ़ाएगे। लेकिन रेलवे की कमाई बढ़ाने के लिए अनोखे आइडिया लागू कर सकते हैं। रेल बजट में एडवांस में वगन (मालगाड़ी) बुकिंग योजना की घोषणा की जा सकती है। रेलवे मैन्युअल के बजाए ई रजिस्ट्रेशन ऑफ वगन डिमांड योजना शुरू कर सकती है।

इसमें कृषि मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, कोयला मंत्रालय आदि वार्षिक योजना रेलवे को इंटरनेट से बताएंगे। इसके पश्चात पवार प्लांट, स्टील प्लांट आादि को समय पर कोयले की आपूर्ति संभव होगी। इसके साथ ही खाद्यान्नों व फल, सब्जी, मीट, मछली आदि की आपूर्ति समय पर होगी। 2.5 लाख वगनों के 100 फीसदी इस्तेमाल से रेलवे की आय 10 से 12 फीसदी (10 से 15 हजार करोड़ रुपये) बढ़ने की संभावना है।

बतातें हैं कि गाजीपुर में ईएमयू व मुगलसराय में इलेक्ट्रिकल शेड (कारखाने) की घोषणा हो सकती है। मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन की घोषणा होने की उम्मीद है। इसके अलावा गोल्डन क्वाड्रीलेटरल (दिल्ली-मुंबई-कोलकाता-चैन्नई) के लिए हाई स्पीड कॉरिडोर की फिजिबिलटी रिपोर्ट तैयार करने की घोषणा हो सकती है। मंगलुरू व गुलबर्गा (कर्नाटक) में नए रेलवे के डिविजन बनेंगे।

नए राज्य तेलंगाना व गुजरात के अहमदाबाद में नए जोनल मुख्यालय की घोषणा हो सकती है। खानपान सेवा को बेहतर बनाने के लिए नई नीति लागू की जा सकती है। महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक कोच में आरपीएफ महिला सिपाही की तैनाती व आरपीएफ हेल्पलाइन नंबर शुरू होगा।

वहीं, रेल संरक्षा को मजबूत बनाने के लिए 5000 किलोमीटर टीकैश (ट्रेन कोलीजन एवायडेंस सिस्टम) लागू करने की घोषणा हो सकती है। जर्मनी तकनीक के एलएचबी कोच का उत्पादन बढ़ाने पर जोर होगा। रेल बजट में सौर ऊर्जा व वायु ऊर्जा की नई परियोजनाएं जगह पाएंगी। इसके तहत कम से कम 500-600 मेगावाट बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य रखा जाएगा।

कल जब केंद्र की एनडीए सरकार में रेल मंत्री सदानंद गौड़ा अपना पहला रेल बजट पेश करेंगे तो उन पर एक ओर जनता की अपेक्षाओं का और दूसरी ओर रेलवे के लगातार बढ़ते खर्च का दबाव होगा। मोदी सरकार अपने पहले रेल बजट में कुछ उन योजनाओं का प्रस्ताव भी जरूर करना चाहेगी जिनसे लगे के रेलवे के ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’। गौरतलब है कि रेलवे ने पिछले दिनों ही यात्री और माल भाड़े के किराए में बढ़ोतरी की है।

नई सरकार ने पिछले दिनों अपने दो निर्णयों से कल के बजट के लिए अपने रुख के संकेत दिए हैं। जानकार बताते हैं कि यात्री किराए में बजट से पहले बढ़ोतरी सरकार के इस बात के संकेत हो सकते हैं रेल बजट कठोर और व्यावहारिक होंगे। साथ ही दिल्ली से आगरा तक मिनी बुलेट ट्रेन को दौड़ाकर यह संकेत भी देने का प्रयास किया गया है कि सरकार रेलवे के आधुनिकीकरण और नई परियोजनाओं को लेकर सकारात्मक रुख रखेगी।

जहां तक लोगों की अपेक्षाओं का सवाल है बजट में हाई स्पीड ट्रेन को लेकर लोगों की काफी उम्मीदें हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अरुनेन्द्र कुमार कह भी चुके हैं कि 2014 के अंत तक तक दिल्ली-आगरा रूट पर ऐसी ट्रेन चलने लगेगी। बुलेट ट्रेन के सपने को पूरा करने के लिए संभावित खर्च को लेकर पीपीपी मॉडल का रास्ता अपनाया जा सकता है। जानकारों के मुताबिक कल के बजट में कुछ नए मार्गों पर हाई स्पीड ट्रेनों को लेकर संभावना टटोलने का ऐलान किया जा सकता है।

बजट में शताब्दी और राजधानी ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाजे, आग से बचाव आदि सुरक्षा उपायों पर भी ऐलान संभव है। साथ ही पुराने कोचों को बदले नए कोच लगाना, टक्कर रोधी प्रणाली लगाना, पुरानी पटरियों को बदलने जैसे सुरक्षा उपायों का भी ऐलान हो सकता है।

हाल ही में प्रधानमंत्री ने रेलवे स्टेशनों पर खर्च होने वाली बिजली के लिए गैर परंपरागत स्रोतों पर ध्यान देने को कहा है। प्रधानमंत्री ने कटरा रेलवे स्टेशन के उद्घाटन के मौके पर उसे सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनाकर एक मॉडल स्टेशन बनाने का ऐलान किया था। जानकारों का मानना है कि ऊर्जा संरक्षण के संबंध में भी इस रेल बजट के दौरान महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती है।

रेल बजट को लेकर जिन घोषणाओं पर सबसे ज्यादा निगाहें होती हैं वे यात्री सुविधाओं से संबंधित है। जानकारों का मानना है कि कई ट्रेनों में वाई-फाई कनेक्शन, छोटे टीवी लगाना और खाने के सामानों में गुणवत्ता लाने जैसी घोषणाएं इस रेल बजट का हिसा हो सकती हैं। इसके अलावा रेलवे जैसे विशाल विभाग में एफडीआई की नीतियों से संबंधित महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए जा सकते हैं।goda

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