मोदी सरकार के कार्यकाल में सोमवार से शुरू हो रहे संसद के पहले बजट सत्र में विपक्ष महंगाई, रेल किराये तथा गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और इराक में भारतीय नागरिकों के मुद्दे को जोर-शोर से उठायेगा, वहीं सरकार ने कहा कि वह जनहित से जुडेÞ हर मुद्दे पर नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा शनिवार को बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में बजट सत्र के सुचारू संचालन और सदन में बेहतर समन्वय के बारे में विभिन्न दलों के नेताओं ने विस्तृत चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बैठक में शामिल नहीं थे लेकिन उन्हें बाद में भोजन पर आमंत्रित किया गया जहां वह सभी दलों के नेताओं से मिले। लगभग दो घंटे चली बैठक के बाद श्रीमती महाजन ने संवाददताओं को बताया कि कुछ राजनीतिक दलों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की मांग की है।PM at Parliament House
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक दल जिन विषयों पर चर्चा कराना चाहते हैं, कार्य मंत्रणा समिति की बैठकों में उन पर फैसला कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेल बजट और आम बजट पर होने वाली चर्चाओं से इतर भी अन्य विषयों पर अलग से चर्चाएं करायी जा सकती हैं। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने बताया कि सत्र के दौरान मुख्य रूप से आम बजट तथा रेल बजट पर चर्चा होगी और दिल्ली राज्य के बजट को भी पारित कराया जायेगा। इसके अलावा आन्ध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनिमय में संशोधन से संबंधित अध्यादेश के स्थान पर विधेयक भी लाया जायेगा। राष्ट्रीय डिजाइन विधेयक भी इसी सत्र में पेश किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पिछली लोकसभा का कार्यकाल समाप्त हो जाने के कारण निरस्त हुए तथा राज्य सभा में लंबित विधेयकों के बारे में संबद्ध मंत्रालयों से चर्चा के बाद इन पर कार्य मंत्रणा समिति में फैसला लिया जायेगा। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि चूंकि नयी लोकसभा का गठन हुआ है तथा संसद की स्थायी समितियों का गठन होने में समय लगेगा, इसलिए इनके मंत्रालयों से जुड़े विषयों पर सदन में ही चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को आश्वासन दिया गया है कि सदन के संचालन में रचनात्मक सहयोग दिया जायेगा और विपक्ष ने भी वचन दिया है कि वह भी सदन के सुचारू काम काज में सहयोग करेगा।
बैठक से निकल कर आये लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले तो संवाददाताओं से बात ही नहीं करनी चाही लेकिन बार-बार अनुरोध करने पर उन्होंने केवल इतना ही कहा कि सत्र के दौरान कुछ समस्याओं पर चर्चा की जायेगी हालाकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये समस्याएं क्या हैं। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी संसद के सुचारू संचालन में सकारात्मक सहयोग करेगी लेकिन यह सरकार के रवैये पर भी निर्भर करता है। उनकी पार्टी बजट से पहले रेल किराये और मालभाडेÞ में वृद्धि, गैस की कीमतों में बढ़ोतरी तथा महंगाई के मुद्दे पर बजट प्रस्ताव से अलग चर्चा कराने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देश की आंतरिक स्थिति, परिवहन, ग्रामीण तथा शहरी विकास और संघीय ढांचे पर प्रहार का मुद्दा भी उठायेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों के अधिकारों का अतिक्रमण करते हुए हाल ही में पत्र लिखे हैं और यह संघीय ढांचे पर हमले के समान है।

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