gold biscutsमुंबई। अमेरिकी बैंक, बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच (बीओएएमएल)का कहना है कि केंद्र सरकार आगामी आम बजट में सोने के आयात शुल्क में दो प्रतिशत की कटौती कर सकती है क्योंकि स्थानीय जौहरियों के पास भंडार नहीं है।
बीओएएमएल ने एक रपट में कहा है कि हमें सोने के आयात शुल्क में दो प्रतिशत कटौती की अपेक्षा है। हमारी राय में सरकार को सोने के आयात पर प्रतिबंधों को यथाशीघ्र वापस लेना चाहिए क्योंकि स्थानीय जौहरियों के पास भंडार नहीं है। आसन्न सूखे से भी सोने के आयात की मांंग नरम पड़ सकती है। इसके अनुसार- हमारा मानना है कि चालू खाते का घाटा वित्त वर्ष 2015 में बढक़र जीडीपी का 2.6 प्रतिशत हो जाएगा जो कि 2014 में 1.7 प्रतिशत था।
‘सोने पर अलग-अलग आयात शुल्क से देश को 3 अरब डालर नुकसान होगाÓ
नयी दिल्ली। पीडब्ल्यूसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिफाइंड व गैर-रिफाइंड सोने पर अलग अलग आयात शुल्क लगाए जाने के चलते अगले पांच साल में भारत सरकार को 3 अरब डालर का नुकसान उठाना पड़ सकता है। वर्तमान में, रिफाइंड सोने पर आयात शुल्क 10.30 प्रतिशत है, जबकि गैर रिफाइंड सोने पर शुल्क 8.24 प्रतिशत है। रिपोर्ट के मुताबिक, शुल्क में 2.06 प्रतिशत का अंतर जो 25.75 डालर प्रति औंस है। रिफानिंग लागत से कहीं अधिक है। पांच साल में इस नीति से सरकार को 3 अरब डालर का नुकसान हो सकता है। मौजूदा कर व्यवस्था के तहत भारत सरकार को देश में प्रत्एक 100 टन गैर रिफाइंड सोने पर करीब 5.6 अरब रूपए का शुल्क नुकसान हो रहा है।

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