मधुमेह के रोगियों के लिए अब राहत की खबर है। डायबिटीज के मरीजों को इंजेक्शन के जरिए बार-बार इन्सुलिन लेने के दर्द से छुटकारा मिल जाएगा। अमेरिका के द फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने शुक्रवार को नए inhaler blog को मंजूरी दी है। जिससे सांसों के जरिए इन्सुलिन लेना संभव हो जाएगा। इसकी बिक्री अभी सिर्फ अमेरिका में होगी और इसे सिर्फ डायबिटीज.1 या डायबिटीज.2 से पीडि़त वयस्कों को बेचा जा सकेगा। इस दवा को विकसित करने वाली कंपनी मेनकाइंड के मुताबिक वर्षों के क्लीनिकल शोध के बाद मिली एफडीए की मंजूरी डायबिटीज का इलाज आसान बनाने की दिशा में बढ़ा कदम है। फेफड़े के मरीजों के लिए नहीं रू इनहेलर के जरिए इन्सुलिन लेने के लिए फेफड़े का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। इसलिए इस दवा पर चेतावनी लिखी होगी कि अस्थमा और फेफड़ों के संक्रमण के मरीज इसका इस्तेमाल न करें। वहीं धूम्रपान करने वाले या हाल में इसे छोड़ चुके लोगों को भी इसका इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा फेफड़ों की पूरी चिकित्सीय जांच के बाद ही इसका प्रयोग करने के लिए कहा गया है।
इस इनहेलर को मंजूरी भले ही दे दी गई हैए फि र भी एफडीए ने कंपनी ने बाजार में उतारने के बाद चार और अध्ययन करने के लिए कहा है। पहला बच्चों पर इसका क्लीनिकल ट्रायलए दूसरा यह पता लगाना कि इससे फेफड़े के कैंसर की आशंका तो नहीं बढ़ती है। दो अन्य अध्ययन दवा के डोज और इसके प्रभाव के बारे में किए जाएंगे।
मेनकाइंड कंपनी ने पहले भी ऐसा इनहेलर बनाया था कि आकार में बडम होने के चलते यह असफल हो गया था। वहीं इसके इस्तेमाल से फेफड़े के कैंसर के खतरे की आशंका भी जताई गई थी। पर नया इनहेलर पुराने का विकसित रूप है और आकार में भी सिर्फ सीटी जितना बड़ा है। इसलिए इसका इस्तेमाल बेहद आसान होगा।
मरीजों को हर बार खाने से पहले इन्सुलिन इनहेल करना होगा। वहीं खाने की शुरुआत के 20 मिनट बाद भी इसे लेना होगा। जिन मरीजों को खाने के समय इन्सुलिन की जरूरत होती हैए उनके लिए यह काफी फायदेमंद होगा।

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