आस्तीन का सांप चीन भारत से जमकर दुश्मनी निभा रहा है। कभी वह नेपाल के माओवादियों को भारत के खिलाफ भडक़ाता है तो कभी पूर्वोत्तर भारत में अशांति फैलाता रहता है। चीन ने एक बार फिर अपना नया नक्शा जारी करके नए विवाद को जन्म दिया है। पिछले कई सालों की तरह ड्रैगन ने फिर अरुणाचल प्रदेश और इस बार जम्मू.कश्मीर के एक बड़े हिस्से को भी अपने नक्शे में दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में एनडीए की नई सरकार बनने के बाद चीन ने पहली बार यह विवादित नक्शा जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन अकसर विवाद खड़ा करता रहता हैण् गौतरलब है कि भारत अरुणाचल प्रदेश को अपना अभिन्न अंग मानता हैए जबकि चीन इसे अपना हिस्सा बताता है। आपको बता दें कि उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी चीन के दौरे पर हैं। उनकी इस यात्रा के दौरान ही चीन ने नया नक्शा जारी कर सीमा विवाद को फिर से जन्म दे दिया है। उपराष्ट्रपति यहां द्विपक्षीय वार्ता के साथ पंचशील समझौते की 60वीं वषर्गांठ पर आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगे। आरएसएस प्रवक्ता राम माधव ने कहा है चीन ने हमेशा पंचशील समझौते की उपेक्षा की हैण् पूरा अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है। जम्मू एवं कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच आजादी के बाद से विवाद चला आ रहा हैण् अब चीन ने भी जम्मू.कश्मीर के एक बड़े हिस्से को अपनी सीमा में दिखाकर नए विवाद को जन्म दे दिया हैण् हालांकि अक्साई चीन के हिस्से पर पहले से ही चीन कब्जा करके बैठा हुआ है। इस बीच खबर है कि चीनी सैनिकों ने भारतीय इलाके में घुसपैठ की हैण् इस हफ्ते चीनी सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख के पेंगोंग झील के भारतीय इलाके में घुसपैठ की और उस पर अपना दावा भी जताया। एक अंग्रेजी अखबार ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि 24 जून को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की नावें झील के भारतीय हिस्से में साढ़े 5 किलोमीटर अंदर तक घुस आईं थीं। गौरतलब है कि पेंगोंग झील का ज्यादातर हिस्सा तिब्बत में आता है और यह चीन के नियंत्रण में हैण् खबर है कि चीनी सैनिक दो घंटे तक भारतीय सीमा के अंदर रुके और बाद में भारतीय सैनिकों ने उन्हें खदेड़ा।
Hong Kong China New Uniformsये पहला मौका नहीं है जब चीनी सैनिकों ने ऐसी कोई हरकत की होण् कई बार इस झील में भारतीय और चीनी सैनिकों का आमना.सामना हो चुका हैण् समुद्रतल से 4300 मीटर से भी ज्यादा ऊंचाई पर स्थति इस झील की लंबाई 134 किलोमीटर और चौड़ाई 5 किलोमीटर हैण् इस झील को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे अर्से से खींचतान चल रही है।
सरकार की न बनें मुसीबत, मोदी ने दी नसीहत
सांसदों के लिए मोदी की पाठशाला शुरू होगई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे फ रीदाबाद के सूरजकुंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाठशाला शुरू हो चुकी है। नरेंद्र मोदी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। प्रधानमंत्री ने नए सांसदों लोगों की परेशानियों को दूर करनेए राष्ट्रीय मुद्दों पर समझ के साथ बोलनेए सत्ता पक्ष का होने की जिम्मेदारी समझनेए मीडिया में हर मुद्दे पर बेवजह न बोलनेए अपने क्षेत्र की समस्याएं सुलझानेए समस्याओं पर स्थानीय प्रशासन की मदद लेने और संसद में पूरी तैयारी के साथ आने की नसीहत दी। गौरतलब है कि सूरजकुंड में शनिवार सुबह से शुरू हुई मोदी पाठशाला में भारतीय जनता पार्टी ;भाजपाद्ध के नए सांसद संसद की गरिमा बनाए रखने का पाठ सीख रहे हैं। रविवार शाम पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी नए सांसदों के प्रशिक्षण शिविर का समापन करेंगे।
प्रशिक्षण शिविर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री व पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंहए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू सहित कुछ संसद की कार्यवाही के विशेषज्ञ वक्ता भी नए सांसदों का मार्गदर्शन करेंगे। इस तरह का प्रशिक्षण शिविर या अभ्यास वर्ग पार्टी के लिए नया नहीं है। पार्टी संगठन स्तर पर इस तरह के शिविर इसलिए भी आयोजित करती है कि जो जिम्मेदारी जनता ने प्रतिनिधियों दी है उसका सही तरीके से निर्वाह हो सके।

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