seondha dinesh jatavदतिया। म.प्र. और उत्तर प्रदेष दोनो राज्यों में अपरहण ,हत्या,और डकैती जैसे संगीन मामलों का आरोपी और भाण्डेर के मेरिल हाउस संचालक अषोक पटेल के अपहरण करके पुलिस की किरकिरी कराने वाला डकैत बालकदास ढीमर आखिर सेवढा क्षेत्र में मदुआ माता मंदिर के पास पुलिस मुठभेड में अपने एक साथी दिनेष जाटव के साथ धरासाई हो ही गया। वही उसके एक साथी पांच हजार के इनामी प्रेंमा ढीमर ने पुलिस के सामने सर्मपण कर दिया लेकिन बालकदास गिरोह के कुछ अन्य सदस्य मौके से भागने में सफल रहे जिनकी तलाष पुलिस कर रही है।
जानकारी के मुताविक भाण्डेर के अषोक पटेल के अपहरण सहित करीब दो दर्जन मामलों संगीन मामलों में आरोपी और पिछले 25 सालो में आतंक का पर्याय बना बालक दास ढीमर को आईजी चंबल रेंज डीसी सागर ,एसपी,दतिया आरपी सिंह,एसडीओपी सेवढा एमपी षर्मा और टीआई सेवढा नरेष षर्मा के कुषल नेतृत्व के कारण खत्म कर दिया गया है पुलिस सूत्रों के अनुसार मेरिज हाउस संचालक अषोक पटेल ने बालक दास की पकड से छूट कर पुलिस कों बताया था कि अपहरण के दौरान उसे मंदिर के खंटे और बॉच टावर की लाइट दिखाई देती थी। इसी आधार पर पुलिस ने अपनी पूरा ध्यान रतनगढ माता मंदिर के आस पास रखा क्योकि यह लोकेषन वही इसारा कर रही थी पुलिस ने रतनगढ और उसके आस पास ही अपना मुखबिर तंत्र ज्यादा सक्रिय कर दिया साथ ही चरवाहे और किसानों के भेश में मुठभेड एक्सपर्ट पुलिसकर्मीयों को भी वही उतारा गया जिसके बाद चार पलिस टीमों का गठन करके सर्चिग की गई जिसका परिणाम बालकदास के सफाये के रूप में सामने आया। मुठभेड में बालक को तीन और दिनेष जाटव को चार गोलिया लगी वही प्रेमा ढीमर ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।बालकदास के पास पुलिस को 315 बोर की बंदूक तांे वही दिनेष जाटव और प्रेमा ढीमर के पास से 12 बोर की बंदूके बरामद हुई है

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