narendra-modi-feb-1प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जापान के साथ सामरिक एवं वैश्विक भागीदारी भारत के लिए एक शीर्ष प्राथमिकता है तथा वह अपनी जापान यात्रा को काफी महत्व दे रहे हैं। इस यात्रा को 14 अगस्त को खत्म हो रहे संसद के बजट सत्र के बाद के लिए टाल दिया गया है। मोदी ने जापानी संसदीय शिष्टमंडल का अपने आवास पर स्वागत करते हुए कहा कि भारत एवं जापान के बीच मूल्यों, हितों एवं प्राथमिकताओं की साझा पहचान है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की जापान के राजनीतिक नेताओं के साथ यह पहली मुलाकात है।
उन्होंने शिष्टमंडल से कहा कि भारत के लिए जापान के साथ सामारिक एवं वैश्विक भागीदारी उच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वह अपनी जापान यात्रा को काफी महत्व दे रहे है जो मूल रूप से जुलाई के पहले हफ्ते में होनी थी। संसद के बजट सत्र के मद्देनजर इसे उन्हें टालना पड़ा। मोदी ने अपनी जापान यात्रा को 14 अगस्त को खत्म हो रहे संसद के बजट सत्र के बाद के लिए टाल दिया है। वह इस बारे में अपने जापानी समकक्ष शिंजो एबे को पहले ही लिख चुके हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि आर्थिक संबंधों के अलावा भारत एवं जापान के बीच मजबूत बौद्ध सांस्कृति संबंध हैं।
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री मोदी ने ध्यान दिलाया कि जापान वाइब्रेंट गुजरात का भागीदार देश रहा है। यह पहल उनके शासनकाल के समय शुरू की गई थी। भारत यात्रा पर आए शिष्टमंडल के नेता इचिरो आइसवावा ने कहा कि भारत में काम कर रहे जापानी नागरिको को मोदी सरकार से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लोग भी यह उम्मीद कर रहे हैं कि नई सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था को नई उूंचाई पर ले जाएंगे। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को भारत को सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए जनादेश दिया गया है तथा इस जनादेश को पूरा करने के लिए वह अपना सर्वोत्तम करेगी। उन्होंने रेखांकित किया कि आर्थिक रूप से जीवंत एवं सशक्त भारत पूरे एशियाई महाद्वीप के हित में है। जापानी शिष्टमंडल ने दोनों देशों के बीच संसदीय दलों के एक दूसरे के देशों की यात्रा करने का सुझाव दिया जिसका प्रधानमंत्री ने स्वागत किया।

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