akhilesh-mulayam--neeraj-boraसपा ने नीरज बोरा की राह आसान की, दिनेश शर्मा के लिए लालजी टंडन ने बोए कांटे पढि़ए न्यूज नेटवर्क 24 की खास पड़ताल

कन्नौज में डिम्पल की निर्विरोध जीत के बाद माना जा रहा है कि सपा कांग्रेस के इस का बदला लखनऊ में चुकाने जा रही है। संकेत साफ हैं कि सपा कांग्रेस को कन्नौज का रिटर्न गिफ्ट लखनऊ में देने जा रही है। सूत्र बताते हैं कि कन्नौज में कांग्रेस प्रत्याशी के उतारे जाने के पीछे यह तय तोड़ हो गई है कि लखनऊ में मेयर पद कांग्रेस के खाते में जाना है। अभी तक इनमें वर्तमान मेयर व भाजपा प्रत्याशी डॉ दिनेश शर्मा और कांग्रेस के डॉ नीरज बोरा के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। लेकिन अब नीरज बोरा की राह आसान नजर आ रही है। सपा समर्थित राहुल सेन सक्सेना के नाम वापस लेने से यह तय हो गया है कि साप अप्रत्यक्ष तौर पर नीरज बोरा का समर्थन कर रही है। व्यापारी संगठनों के दबाव में बसपा समर्थित मुरली मनोहर आहूजा ने भी नाम वापस ले लिया है। गौरतलब है कि डॉ बोरा विधान सभा चुनाव में सपा प्रत्याशी से मामूली मतों से हारे थे। मेयर पद की दौड़ में इस समय जितने प्रत्याशी हैं उनमें नीरज बोरा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। निवर्तमान मेयर डॉ. दिनेश शर्मा की राह में रोड़ा लखनऊ के सांसद लालजी टंडन हैं। टंडन परिवारवाद की छाया से मुक्त नहीं हो पा रहे हैं। वह अपने पुत्र के लिए मेयर का टिकट चाह रहे थे। टिकट नहीं मिला तो उन्होंने संयुक्ता भाटिया को खड़ा किया। लालजी टंडन ने ही पूर्व मेयर डॉ एससी राय को चैन से नहीं बैठने दिया। हालांकि बेदाग छवि वाले डॉ राय का वह बाल भी बांका न कर सके। लखनऊ वाले उनके दस साल के बेदाग कार्यकाल को हमेशा याद रखेंगे। दिनेश शर्मा के समर्थन में संयुक्ता भाटिया बैठ जरूर गई हैं पर मन में अभी खटास है। लखनऊ में मेयर पद के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं।

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