उत्तर प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए रविवार को होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (यूपीसीपीएमटी) गाजियाबाद में पर्चा लीक हो जाने के कारण रद्द कर दी गयी है और अब यह परीक्षा 20 जुलाई को आयोजित की जायेगी। उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने बताया है कि गाजियाबाद में पेपर लीक हो जाने के कारण सुबह नौ बजे से होने वाली यूपीसीपीएमटी रद्द कर दी गयी है। इस परीक्षा में 109292 परीक्षार्थी भाग लेने वाले थे। पर्चा लीक होने को गम्भीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिये हैं। इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है लेकिन पुलिस ने कई जगह छापेमारी की है।pmttt copy
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपीसीपीएमटी पेपर लीक होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच कराने के निर्देश दिये हैं। श्री यादव ने पूरे मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन को उच्चस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिये हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि श्री यादव ने परीक्षाओं की महत्ता बनाये रखने के निर्देश देते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।
इस बार किंगजार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय ने परीक्षा आयोजित करायी थी। पर्चा लीक होने की वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी उंगली उठनी शुरु हो गयी है।
परीक्षा के संयोजक डा, ए,के, सिंह ने बताया कि गाजियाबाद में परीक्षापत्रों के दो बक्सों की सील के साथ छेड़छाड़ किये जाने की सूचना मिलने पर सरकार के आदेश पर यह परीक्षा टाल दी गयी है। उन्होंने बताया कि अब इस परीक्षा के आयोजन के लिए 20 जुलाई की तिथि प्रस्तावित की गयी है, जिसके संबंध में अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा लिया जायेगा।
इस परीक्षा के लिए प्रदेश के 15 शहरों में कुल 213 केंद्र बनाये गये थे, जिनमें 45 लखनऊ में थे। गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट एस वी एस रंगाराव ने कहा, परीक्षा के प्रश्नपत्र गाजियाबाद के दो बैंकों में 40 बक्सों में सीलबंद करके रखे गए थे। उन्होंने कहा, जब अधिकारी इन दोनों बैंक की शाखाओं में सुबह पहुंचे तब उन्होंने पाया कि दो बक्सों के सील के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसके बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया। राव ने कहा कि जिला प्रशासन इस बारे में राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजेगा। इस मामले में जांच की जो रही है।
पर्चा लीक होने का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है और इसकी जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने कहा कि पर्चा लीक होने के मामले को राज्य सरकार गम्भीरता से ले। इसमें हो सकता है राजनीतिक लोग भी शमिल हों इसलिए इसकी जांच सीबीआइ से करानी चाहिए। श्री बाजपेयी ने कहा कि सिर्फ लखनऊ में एक लाख दस हजार परीक्षार्थी आये हुए थे। परीक्षा रद्द होने से परीक्षार्थियों को पैसे के साथ ही मानसिक कष्ट भी झेलना पड़ा है, इसलिए इसकी जांच सीबीआइ से ही करायी जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह का अपराध न हो सके। उन्होंने कहा कि जांच इसकी भी होनी चाहिए कि पर्चे उस बैंक में क्यों रखवाये गये जहां सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं है।

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