vyash nadi 2sardaनयी दिल्ली। विभिन्न राज्यों में विवादास्पद सारदा समूह की कंपनियों की निवेश योजनाओं का प्रचार करने वाले एजेंटों को यह घोटाला सामने आने तक 35 प्रतिशत का ऊंचा कमीशन दिया जा रहा था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक जांच रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सारदा समूह की कंपनियों की कथित वित्तीय अनियमितताओं तथा धोखाधड़ी की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी पाया है कि समूह की योजनाओं में 3 से 5 साल तक के लिए निवेश करने वाले निवेशकों को 18 प्रतिशत तक ऊंची ब्याज दरों का वादा किया जा रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनता से जुटाए गए प्रत्एक 100 रूपए में से 35 रूपए का भुगतान कमीशन तथा निवेश जुटाने वाले एजेंटों के प्रदर्शन बोनस में किया गया। यह तथ्य भी सामने आया कि निवेशकों को 3 से 5 साल के लिए न्यूनतम 18 प्रतिशत ब्याज दर का वादा किया जा रहा था। ईडी ने अपनी रिपोर्ट में मनी लांड्रिंग का आंकड़ा।,983.02 करोड़ रूपए बताया है और इस राशि को अपराध से जुटाई गई रकम बताया है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेश के मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए यह ब्याज दर देन पाना संभव नहीं है। जांच में शामिल अधिकारियों ने कहा कि बाजार में मौजूदा चलन की तुलना में मार्केटिंग एजेंटों को भी कहीं उूंचा कमीशन दिया जा रहा था।

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