13दतिया / 1947 में स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री बनते ही पं. नेहरू ने चुनौतियों का सामना किया। उस समय देश में 500 देशी रियासतें थीं और उस वक्त की सबसे बड़ी चुनौती थी उन्हें एक झंडे के नीचे लाना। उन्होंने भारत के पुनर्गठन के रास्ते में उभरी हर चुनौती का समझतापूर्वक सामना किया। उक्त विचार जिला कॉंग्रेस कमेटी कार्यालय पर आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न पं. जवाहरलाल नेहरू की 50वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजली कार्यक्रम में जिला कॉग्रेस अध्यक्ष श्रीमती उषा नाहर ने अध्यक्षी उद्बोधन में व्यक्त किए। श्रीमती नाहर ने कहा कि नेहरू जी ने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उन्होंने योजना आयोग का गठन किया, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास को प्रोत्साहित किया और 3 लगातार पंचवर्षीय योजनाओं का शुभारम्भ किया। उनकी नीतियों के कारण देश में कृषि और उद्योग का एक नया युग शुरू हुआ। नेहरू जी ने भारत की विदेश नीती के विकाश में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती ने कहा कि उन्होंने जोसेफ ब्राजटीटो और अब्दुल गमाल नासिर के साथ मिलकर एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद के खात्मे के लिए एक निर्गुट आंदोलन की रचना की। वह कोरिया युद्ध का अंत करने, स्वेज नहर विवाद सुलझाने और कांगो समझौता को मूर्तरूप देने जैसे अन्य अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में मध्यस्थ की भूमिका में रहे। उनकी बहुमुखी विदेश नीती के कारण ही विश्व आज भारत को सम्मान की दृष्टि से देखता है।
कार्यक्रम का संचालन जिला कॉग्रेस प्रवक्ता जितेन्द्र सिंह पठारी ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नाहर सिंह यादव, डॉ वसंत कुमार सेन, ब्लॉक अध्यक्ष के.पी. यादव,जिला योजना समिती सदस्य ब्रजेन्द्र बैस,मोहर सिंह कौरव एडवोकेट, राधावल्लभ सरवरिया, अनीता बुन्देला, सुरेन्द्र सिंह रुहेरा, अनुरुद्ध सिंह, रामलाल कुशवाह, नीरज शर्मा, अलीम खान, विक्कू दांगी, सुभाष यादव, गिरीश कल्याणी, मनोज सेन, रामसिंह कुशवाह, देवेन्द्र यादव, कप्तान सिंह यादव, रहीश खॅान गोविन्द जाटव आदि उपस्थित रहे।
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