नंद के आंनद भयो,जय कन्हैया लाल की——-
9उनाव। नंद के आंनद भयौ,जय कन्हैया लाल की-हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की। ग्राम तरगुवा मंे चल रही श्रीमत् भाबवत कथा के दौरान जैसे ही कथा वाचक श्री शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण्ण के जन्म की बधाई का गीत श्रद्वालुओ के बीच सुनाया,गीत सुनते ही वहा बैठे श्राद्वलु नाच उठे।
ग्राम तरगुवा मंे चल रही कथा के दौरान कथा व्यास प, विनोद शास्त्री महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण्ण के जन्म की कथा का वर्णन। कथा सुनकर वहा बैठे श्रद्वाल कथा मंे भाव विभोर होकर नाच उठे। महिलाए अपने अपने घरो माखन मिश्री लेकर आई लेकर आई थी। कथा वाचक श्री शास्त्री ने कहा कि धरती पर जब जब अधर्म बडता है, तव भगवान किसी ना किसी रूप मंे जन्म लेकर अधर्मओ का नाश करने के लिये अवतरित होते है। भगवान ने विभिन्न अवतारो मंे जितनी भी लीलाए की है। उनका ससवका उददेश्य मनुष्य को इस वात का ज्ञान कराना हैकि धर्म की हमेशा जीत होती है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.