उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अब तक डेंगू के 97 नए मामले सामने आए हैं. प्रयागराज के चिकित्सा अधिकारी अधिकारी नानक सरन ने मंगलवार को बताया कि राज्य में डेंगू से ज्यादातर बच्चों की मौत हो रही है. 97 में से अभी करीब 9 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बतया कि पूरे राज्य से साथ-साथ प्रयागराज में भी मामले बढ़ने की संभावना है. सरन ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि प्रयागराज में 97 मामले होने के बाद भी डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है. राज्य के कई अन्य जिलों में भी डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी हुई है.
40-50 फीसदी मरीज डेंगू और वायरल से पीड़ित
इस बीच आगरा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव उपाध्याय ने कहा कि स्थिति बहुत खराब है. स्वास्थ्य विभाग ताजा डेटा नहीं दे रहा है. उपाध्याय ने कहा कि 40-50 फीसदी मरीज डेंगू और वायरल के आ रहे हैं. इसमें 60 फीसदी सिर्फ बच्चे हैं. सरकारी आकंड़ों से पता चलता है कि आगरा में मंगलवार तक डेंगू के कुल 35 मामले हैं, इसमें से 15 सक्रिय है.
सबसे ज्यादा प्रभावित फिरोजाबाद में अब तक डेंगू से 60 बच्चों की मौत हो चुकी है और 465 बच्चे अभी भी जिले के मेडिकल कॉलेज के चाइल्ड वार्ड में भर्ती हैं. वहीं गोरकपुर में डेंगू के छह मामलों की पुष्टि हुई है. डेंगू एक मच्छर से फैलने वाली वायरल बीमारी है, ये मानसून के मौसम में व्यापक रूप से फैसलती है. इसमें मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द, मासपेशियों और जोडों में दर्द जैसे परेशानियां होती हैं.
डी2 स्ट्रेन के मिले सैंपल
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने गुरुवार पुष्टि की है कि उन्होंने इन सैंपलों में डेंगू का डी2 स्ट्रेन पाया है. ये स्ट्रेन बहुत घातक होता है. इससे प्लेटलेट काउंट भी कम हो जाता है. इससे बचाव के लिए मच्छरों के प्रजनन को रोकना एक मात्र उपाय है.
वहीं, कानपुर जिले के सीएमएस डॉ अनिल निगम ने बताया कि उर्सला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बुखार के 75-100 मरीज आ रहे हैं. रैपिड टेस्ट में 2 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया था, लेकिन एलिसा टेस्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई थी. प्रभावी रूप से, इस अस्पताल में डेंगू का कोई मामला नहीं है. हालांकि इससे पहले जिले में बुखार के दो और रोगियों की मौत हो गई है. दोनों मरीज पहले से अस्थमा की चपेट में रहे हैं. बुखार आने के दो दिन के बाद ही दम तोड़ दिया. इसके साथ ही बीते सोमवार को डेंगू का एक संक्रमित मिला है.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.