उत्‍तर कोरिया ने एक बार फिर परीक्षण किया है. योनहाप न्‍यूज के मुताबिक उत्‍तर कोरिया ने एक अज्ञात वस्‍तु ईस्‍ट सी की तरफ लॉन्‍च की है. अभी तक इस बात का पता नहीं लग सका है कि ये हथियार कौन सा था मगर कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद देश ने एक और मिसाइल टेस्‍ट किया है. सोमवार की सुबह भी उत्‍तर कोरिया ने एक लंबी दूरी की मिसाइल का टेस्‍ट किया था. नॉर्थ कोरिया ने तीन दिनों के अंदर यह तीसरा मिसाइल टेस्‍ट किया था जिसने अमेरिका की चिंताएं बढ़ा दी थीं. अमेरिका (US) के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच उसके इस तीसरे मिसाइल टेस्‍ट पर अमेरिकी रक्षा विभाग की तरफ से इस पर चिंता भी जताई जा चुकी है.
पेंटागन ने किया आगाह
अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन की तरफ से पहले ही आगाह किया गया है. पेंटागन ने कहा है कि कि नॉर्थ कोरिया का मिसाइल टेस्‍ट उसके पड़ोसियों और दूसरे देशों के लिए बड़ा खतरा है. पेंटागन की मानें तो इस मिसाइल टेस्‍ट से इस बात की जानकारी मिलती है कि नॉर्थ कोरिया किस कदर तेजी से अपना मिलिट्री प्रोग्राम डेवलप कर रहा है. उसका मिलिट्री प्रोग्राम सभी देशों के लिए एक बड़ा खतरा है. नॉर्थ कोरिया के मिसाइल टेस्‍ट पर यूएस इंडो-पैसेफिक कमांड की तरफ से बयान जारी किया गया है. पेंटागन के मुताबिक उसकी नजरें लगातार नॉर्थ कोरिया के मिसाइल प्रोग्राम पर बनी हुई हैं.
नई मिसाइल की रेंज 1500 किलोमीटर
नॉर्थ कोरिया की मीडिया की तरफ से सोमवार को बताया गया था कि देश ने लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण किया. नई मिसाइल की रेंज 1500 किलोमीटर है और इसने अपना टेस्‍ट पहले ही प्रयास में पास कर लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक यह मिसाइल देश के हथियारों में एक महत्‍वपूर्ण जगह रखती है. सफल टेस्‍ट के साथ ही देश को हर खतरे से निपटने का बड़ा हथियार मिल गया है. माना जा रहा है कि ये मिसाइलें किम जोंग उन के देश की मिलिट्री पावर को बढ़ाने वाले इरादे को पूरा करने वाली हैं. इसका सीधा अर्थ ये हुआ कि इन मिसाइलों को परमाणु हथियार के साथ प्रयोग किए जाने के इरादे से तैयार किया जा रहा है.
नॉर्थ कोरिया के पास कई हथियार
इस टेस्‍ट के बाद दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि उनकी सेना, अमेरिका और दक्षिण कोरियाई खुफिया जानकारी के आधार पर नॉर्थ कोरिया की तरफ से लॉन्‍च इस मिसाइल टेस्‍ट का आकलन कर रही है. इस साल जनवरी में सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की एक कांग्रेस के दौरान किम जोंग उन ने अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव के सामने अपने परमाणु क्षमता को मजबूत करने की प्रतिज्ञा ली. इस दौरान किम ने लंबी दूरी की इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों, परमाणु संचालित पनडुब्बियों, जासूसी उपग्रह और सामरिक परमाणु हथियार तैयार करने की एक लंबी लिस्ट जारी की.

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