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आज मोदी को संसदीय दल का नेता चुना गया। बैठक को सम्बोधित करते हुए मोदी भावुक हो गए। उनका गला भर आया। और वह कुछ देर के लिए शान्त हो गए।
भाजपा के वरिष्ठï नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी मोदी की खुल कर तारीफ की।
आडवाणी के विचार सुन कर मोदी के आंसू झलक पड़े। और संसद का यह नेता सदन में ही भावुक हो गया।
नरेंद्र मोदी मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संसदीय दल के नेता चुन लिए गए। इसके साथ ही गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी का प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। मोदी के नाम का प्रस्ताव संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने किया और मुरली मनोहर जोशी, वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली सहित अन्य नेताओं ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
गौरतलब है कि हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में मोदी के नेतृत्व में भाजपा को 545 सदस्यीय लोकसभा में 282 सीटें हासिल हुई, जो पूर्ण बहुमत पाने वाली पहली गैर कांग्रेस सरकार बन गई है। कांग्रेस को चुनाव में सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है और इसके सांसदों की संख्या सिमट कर 44 हो गई है।
आडवाणी ने कहा, “यद्यपि मुझे नेता के नाम का प्रस्ताव करना है, लेकिन मुझे संभवत: उस नाम का समर्थन करना है जिसे पार्टी पहले ही तय कर चुकी है।” राजनाथ ने इसके बाद नेता के रूप में मोदी के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी। राजनाथ ने इसे ऐतिहासिक घटना करार देते हुए कहा कि भारतीय राजनीति का ऐसा युग शुरू हुआ है जिस पर भाजपा का प्रभुत्व है और दूसरी सभी पार्टियां ‘अन्य’ बन गई हैं।
उन्होंने कहा, “यह एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक पल है। हालांकि, 1977 में जनता पार्टी को बहुमत मिला था और कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई थी, लेकिन वह विभिन्न पार्टियों का समूह थी। भाजपा पहली पार्टी है जिसने यह कमाल खुद कर दिखाया है।” राजनाथ ने कहा कि वह बेहद खुश और रोमांचित हैं और इस दिन को पार्टी के विचारक दीनदयाल उपाध्याय के मजबूत, आत्मनिर्भर और स्वतंत्र भारत के सपने के पूरा होने का दिन करार दिया।
वहीँ, नेता चुने जाने के बाद भाषण देते हुए नरेंद्र मोदी ने राजनाथ और आडवाणी का आभार जताया। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए उनकी आँखों से आंसू छलक पड़े| उन्होंने कहा कि आज इस ऐतिहासिक क्षण में वो हमारे साथ होते तो सोने में सुहागा होता। मोदी ने कहा कि 13 सितंबर से 10 मई तक एक कार्यकर्ता के रूप में परिश्रम यज्ञ किया जिसका फल है कि हम सब आज यहां हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया के इस सबसे बड़े लोकतंत्र की यही ताकत है। मोदी उस वक्त एक बार फिर भावुक हो गए जब उन्होंने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की बात का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने (मोदी) चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कर कृपा की है। मोदी ने कहा, “कृपया कर कृपा शब्द का इस्तेमाल न करें। एक बेटा अपनी मां पर कृपा नहीं करता है। बेटा समर्पण के साथ काम करता है। मैं भाजपा को अपनी मां मानता हूं।” उन्होंने कहा कि अगले दो साल काफी महत्वपूर्ण हैं। हम परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे, अपने लिए नहीं बल्कि देश के लिए जिएंगे। जब 2019 में आपसे मिलूंगा तब अपना रिपोर्ट कार्ड दूंगा। मोदी ने कहा कि लोकसभा में भाजपा को मिला बहुमत ‘आशा और विश्वास’ को मिला मत है। उन्होंने ने कहा कि उन्हें भाजपा के ऊपर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने पार्टी को लोकसभा चुनाव में मिली शानदार जीत का श्रेय संगठन की शक्ति को दिया।

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