पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर आंदोलन की अगुवाई करने वाले टीआरएस प्रमुख 0,,4994281_4,00 ;केसीआर के दो जून को अस्तित्व में आ रहे इस नए राज्य के मुख्यमंत्री बनने की संभावना है। तेलंगाना के गठन के संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद केसीआर ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय नहीं करने का फैसला किया। कुछ राजनीतिक जानकारों का दावा कि कांग्रेस विरोधी माहौल का केसीआर की पार्टी के प्रदर्शन पर असर नहीं हुआएहालांकि उन्होंने यह कहा था कि खंडित जनादेश की स्थिति में वह सबसे पहले कांग्रेस नीत संप्रग को समर्थन करना पसंद करेंगे। पृथक तेलंगाना राज्य 60 साल के केसीआर के लिए ऐतिहासिक सफलता है। इसका उन्हें काफी श्रेय दिया जाता है। केसीआर शुरू में तेदेपा के साथ थो और साल 2001 तक आंध्र प्रदेश विधानसभा में उपाध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने तेदेपा छोड़ दी और पृथक तेलंगाना की लड़ाई लडऩे के लिए तेलंगाना राष्ट्र समिति टीआरएसरू गठन किया। तेलंगाना आंदोलन को उसके अंजाम तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाने वाले केसीआर अब इस नए राज्य का मुख्यमंत्री बनने की दहलीज पर खड़े हैं।

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