इस हफ्ते रिलीज हुई है अनंत नारायण महादेवन की फिल्म ‘द एक्सपोज़’ जिसका निर्माण किया है, विपिन रेशमिया ने। फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई है, हिमेश रेशमिया, हनी सिंह, जोया अफ़रोज़, सोनाली राउत, जेसी रंधावा, नकुल वैद्य और मेहमान भूमिका में नजर आ रहे हैं इरफान खान।
फिल्म की कहानी 60 के दशक की फिल्म इंडस्ट्री पर आधारित है, जहां सुपरस्टार रवि कुमार यानी हिमेश रेशमिया दक्षिण की फिल्मों से हिन्दी फिल्मों में कदम रखते हैं, डायरेक्टर सुब्बा प्रसाद यानी अनंत नारायण महादेवन की फिल्म ’शीतल निर्मल उज्ज्वल’ से। दूसरी ओर है निर्देशक चड्ढा की फिल्म ‘रीना मेरा नाम’। जब यह फिल्म रिलीज होती है तब पार्टी के दिन एक हादसा होता है, जिसमें एक हीरोइन की मौत हो जाती है। कौन है इस मौत का जिम्मेदार, कैसे खुलती है परत दर परत और कैसे सुलझती है यह गुत्थी। यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।
अब आपको बताना जरूरी है कि फिल्म मुझे कैसी लगी। फिल्म की शुरुआत में ही बताया जाता है कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जिसकी वजह से दर्शक सिनेमा के इतिहास में फिल्म के किरदारों को ढूंढने की कोशिश करते हैं और खासकर मेरे जैसे लोग, जो फिल्मी दुनिया की ढेर सारी कहानियों से वाकिफ़ हैं, वे शायद पूरी फिल्म में इतिहास टटोलने में ही लगे रहेंगे।
दूसरी बात यह कि फिल्म के डायलॉग आपका मनोरंजन करेंगे। फिल्म के संगीत में 60 और 70 के दशक का मसाला है, फिर चाहे वह गाने हों या बैकग्राउंड स्कोर, जो मुझे बहुत पसंद आया। आजकल फ़िल्मों में बहुत कम ऐसे बैकग्राउंड स्कोर होते हैं, जो आपके जहन में बस जाएं और उन्हें गुनगुनाने पर मजबूर हो जाएं ‘द एक्सपोज़’ में ऐसा ही हुआ।
फिल्म की मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हिमेश रेशमिया का किरदार मशूहर अभिनेता राजकुमार से प्रेरित नजर आता है और फिल्म में उनका किरदार अच्छे ढंग से गढ़ा किया गया है। साथ ही मुझे यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं कि हिमेश ने अपने किरदार को अच्छे से निभाया है।
बतौर एक्टर हिमेश में निखार नजर आया। हां, मुझे एक्शन सीन्स उन पर ठीक नहीं लगे। हनी सिंह एक-दो सीन में अपना असर छोड़ते हैं। इरफान खान का काम जितना नजर आया, वह अच्छा लगा।
फिल्म के गाने मुझे मधुर लगे पर कुछ गानों के बोल भी अगर 60 के दशक की तरह होते तो बेहतर होता। कहीं-कहीं कॉस्टूम और डांस में निर्देशक ने उस दशक का खयाल नहीं रखा, जिस दशक की यह कहानी है।
फिल्म की कहानी बड़ी सीधी और छोटी-सी है इसलिए पहले भाग में थोड़ी रुकावट महसूस होती है। हालांकि फिल्म का एडिट स्क्रीनप्ले और कहानी को बयां करने का अंदाज आपको फिल्म से जोड़े रखेगा। तो कुल मिलाकर ’द एक्सपोज’ एक मनोरंजन से भरपूर फिल्म है, जहां आपको 70 के दशक के सिनेमा की तरह लारजर दैन लाइफ किरदार घटनाएं और डायलॉग बाजी मिलेगी। himesh

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