नई दिल्ली: मेडिकल में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने के मोदी सरकार के फैसले को कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने राजनीति से प्रेरित बताया है. अब बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा है कि पिछड़ा वर्ग के आयोग को संवैधानिक दर्जा देने करने की मांग एक लंबे समय से चली आ रही थी. यूपीए सरकार के पिछले 10 वर्ष में पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया गया.
मोदी सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक आयोग का दर्जा दिया- भुपेंद्र यादव
केंद्रीय मंत्री भुपेंद्र यादव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, ‘’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक आयोग का दर्जा दिया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘’बीजेपी OBC समाज और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के युवाओं को मेडिकल कॉलेज की PG और UG की पढ़ाई में आरक्षण का निर्णय लेने के लिए पीएम मोदी को बधाई देती है और उनका अभिनंदन करती है.’’ भुपेंद्र यादव ने आगे कहा, ‘’मोदी सरकार में पिछले 5 सालों में 179 नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं. देश में अब 558 मेडिकल कॉलेज हैं. देश में यूजी की सीटों में 56% के करीब और पीजी की सीटों में 80% के करीब बढ़ोतरी की गई.’’
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण
बता दें कि केंद्र ने अखिल भारतीय आरक्षण योजना के अंतर्गत मौजूदा शैक्षणिक सत्र 2021-22 से स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा और दंत पाठ्यक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की गुरुवार को घोषणा की.

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