कोरोना महामारी के बीच केंद्र सरकार ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण 2022 में हो सकता है। सरकार की ओर से लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण 2022 की तीसरी तिमाही में होने की संभावना है। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि महामारी के दौर में अनलॉक की अवधि आरंभ होने के बाद अब सामान्य कार्य आरंभ हो गए हैं। ऐसे में इस बात की उम्मीद की जा सकती है कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण 2022 की तीसरी तिमाही में हो सकता है। इसके लिए कार्य प्रगति पर है। प्रक्षेपण में देरी को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम की वजह से कामकाज की रफ्तार में कमी आई थी। अब जब सबकुछ सामान्य हो रहा है ऐसे में इसके काम में तेजी देखी जा सकती है।
जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि चंद्रयान-3 के कार्य में आकृति को अंतिम रूप दिया जाना, उप-प्रणालियों का निर्माण, समेकन, अंतरिक्ष यान स्तरीय विस्तृत परीक्षण और पृथ्वी पर प्रणाली के निष्पादन के मूल्यांकन के लिए कई विशेष परीक्षण जैसी विभिन्न प्रक्रियाएं शामिल हैं। सिंह ने बताया कि कार्य की प्रक्रिया कोविड-19 महामारी के कारण बाधित हो गई थी। अनलॉक अवधि आरंभ होने के बाद चंद्रयान-3 पर कार्य फिर से आरंभ हो गया और अब यह कार्य संपन्न होने के अग्रिम चरण में है। हालांकि केंद्रीय मंत्री ने यह जरूर कहा कि जितना काम वर्क फ्रॉम होम मोड में हो सकता था उतनी करने की कोशिश की गई है।
आपको बता दें कि भारत पर 22 जुलाई 2019 को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 को भेजा था। हालांकि 7 सितंबर 2019 को लैंडर विक्रम ने हाइलैंड किया जिसकी वजह से भारत अपने पहले प्रयास में चांद की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने में कामयाबी हासिल नहीं कर सका। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के लिए चंद्रयान-3 बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार भी इसकी सफलता को लेकर हर संभव कोशिश कर रही है। यह भारत के अंतरग्रहीय क्षमताओं को प्रदर्शित करने में मददगार साबित होगा।

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