इजरायली सॉफ्टवेयर पैगासस के जरिए देश की बड़ी राजनीतिक हस्तियों से लेकर जजों और पत्रकारों की जासूसी कराने के सरकार पर लगे आरोपों के बीच कांग्रेस ने सोमवार को केन्द्र पर बड़ा हमला बोला है. कांग्रेस ने देश के गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका की जांच कराने की मांग की.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता कांग्रेस मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस की तरफ से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री खुद विरोधी पार्टियों के नेताओं,  पत्रकारों और खुद के कैबिनेट में बैठे मंत्रियों की जासूसी कराते हैं, जिसका सबूत मिला है. इतना ही नहीं, राहुल गांधी का भी जासूसी कराया गया है. खड़गे ने कहा कि इसकी जांच होने से पहले खुद अमित शाह को गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और पीएम मोदी की भूमिका की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर आप लोकतंत्र के जरिए चलना चाहते हैं, संविधान के तहत इस देश को चलाना चाहते हैं कि इस जगह पर रहने के काबिल नहीं है.
सुरजेवाला के सरकार से सवाल
इधर, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त, कैबिनेट के मंत्री, राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं और पत्रकारों व अन्य हस्तियों की जासूसी कराना अगर देशद्रोह नहीं तो फिर किया है? सुरजेवाला ने कहा कि भारत सरकार ने यह इजरायली पेगासस सॉफ्टवेयर कब खरीदी और किसने इजाजत दी थी और उसके लिए पैसा कहां से आया? उन्होंने ने कहा देश में आंतरिक सुरक्षा के जिम्मेदार खुद गृहमंत्री अमित शाह है. ऐसे में उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि ये सारा कुछ उनकी ही देखरेख में हो रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका की जांच नहीं होनी चाहिए?
बीजेपी ने जासूसी कांड के आरोपों को किया खारिज
इधर, बीजेपी ने जासूसी कांड की रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. पेगासस पर मीडिया रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस की ओर से किए गए हमले का जवाब देते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा- बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस की तरफ से लगाए गए राजनीतिक औचित्य की निराधार और बेबुनियाद आरोपों का पुरजोर बीजेपी खंडन और निंदा करती है.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जिस पार्टी ने भारत में पचास साल से ज्यादा समय तक शासन किया उसकी तरफ से यह एक नया निम्नतर स्तर है. उन्होंने कहा कि पैगासेस की कहानी वो मानसून सत्र के पहले ही क्यों शुरू हुई? क्या इसे सोच समझ कर शुरू किया गया?

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