नई दिल्ली: देश में कोरोना के बीच एक और वायरस ने चिंता बढ़ा दी है. इस वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केरल में अलर्ट की स्थिति बन गई है. आनन-फानन में दिल्ली से विशेषज्ञों के दल को रवाना करना पड़ा है. अभी तक केरल में इस वायरस की चपेट में करीब 18 लोग आ चुके हैं.
केरल के दौरे पर गई दिल्ली एम्स की टीम के जीका वायरस को लेकर देश के दूसरे राज्यों को भी सावधान किया है. इस चेतावनी के बाद राजधानी दिल्ली और मुंबई समेत देश के कई बड़े शहरों को अलर्ट पर कर दिया गया है. केरल के पड़ोसी राज्यों को भी इसे लेकर अलर्ट किया गया है.
मच्छरों के काटने से होने वाली इस बीमारी के पहले मामले की पुष्टि केरल में गुरुवार को हुई थी. लेकिन 48 घंटों के भीतर ही वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई है. जिसने राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है.
जीका का पहला मामला 24 साल की गर्भवती महिला में सामने आया था लेकिन शुक्रवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने 13 और मामलों की पुष्टि की है. मतलब ये कि 48 घंटे के भीतर ही जीका वायरस से पीड़ित 14 मरीजों की पहचान हो चुकी है.
कोरोना की वजह से राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले ही चरमराई हुई है. ऐसे में जीका के मामलों का बढ़ना केरल सरकार के लिए मुसीबत बन सकता है. हालांकि राहत की बात ये है कि जीका, कोरोना की तरह जानलेवा नहीं है.
ज़ीका वायरस के लक्ष्ण जानिए
जीका वायरस मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है. इसके लक्ष्ण चिकनगुनिया की तरह ही होते हैं. ये वायरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है. गर्भावस्था में महिलाएं इससे ज्यादा संक्रमित हो सकती हैं. बुखार और शरीर पर लाल चकत्ते होना, दानें और आंखों का लाल होना. मांसपेशियों और जोड़ों और सिर में दर्द होना. इससे संक्रमित अधिकांश लोगों में लक्ष्ण विकसित नहीं होते.

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