• स्वास्थ्य विभाग में मची लापरवाही कैमरे के सामने से बच रहे हैं अधिकारी
लखीमपुर खीरी। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ लगातार अपने विधायकों को और मंत्रियों को जनता के दुख दर्द में शामिल होने के उपदेश दे रहे हैं। वही उन्ही की पार्टी के माननीयों का आलम यह है कि वह जनता को उसके हाल पर छोड मात्र फोटो सेशन कराने पर ही जोर देते दिखाई दे रहे हैं।

ऐसा ही एक नजारा लखीमपुर खीरी में उस वक्त दिखाई दिया जब एक क्षेत्रीय माननीय हास्पिटल की व्यवस्था देखने जब वहां पहुंचे तो उनके चाहने वाले उनके साथ फोटो खिंचाने में इतना व्यस्त हुए की उनके करीब ही हास्पिटल परिसर मे जमीन पर पडा एक नौजवान दर्द से तड़पता रहा और बेबस मां अपने बच्चे की मदद के लिए गुहार लगाती रही लेकिन उसकी पुकार ना तो माननीय के कानों तक पहुंची और ना ही डॉक्टरों ने उसकी फरियाद सुनी।
माननीय के आने के बाद एक बार तो ऐसा लगा कि अब शायद फर्श पर तडपते नौजवान को ऐंबुलेंस की व्यवस्था हो जायेगी लेकिन माननीय के आने से अस्पताल में पैदा हुई अफरा-तफरी के बीच उस बेबस मां की और चीखते चिल्लाते अस्पताल की फर्श पर एंडी रगड़ रहे नौजवान की कोई सुनने वाला तक दिखाई नहीं दिया। न ही माननीय ने सर घुमा कर फर्श पर तडप रहे नौजवान की तरफ देखने की जहमत उठाई।

लगभग 4 घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करती मां को जब एंबुलेंस मिली और वह उसे लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुई तो उसके बेटे ने उसके हाथों में ही दम तोड़ दिया। अगर कहा जाए कही यह भी सही है स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही की बात। बृद्ध मा के हाथ मे लगी सिर्फ बेटे की लाश। सरकारी सिस्टम भी नही बचे सके नौजवान की जिन्दगी और टूट मा की बेटे से आस जबकि माननीय विधायक भी थे नौजवान मरीज के पास।

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