photo आज अक्षय तृतीया है। पौराणिक कथा और ग्रंथों की मानें तो इस दिन आप जो भी शुभ कार्य करते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। आज के दिन नया चांद आने के तीसरे दिन यह दिन आता है इसलिए इसे तृतीया कहते हैं। इसी कारण इस खास दिन को अक्षय तृतीया कहा जाता है। वैसे तो अक्षय तृतीया नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंदों को दान करने का महापर्व है। हिंदू कैलंडर में अक्षय तृतीया को एक शुभ दिन के तौर पर गिना जाता है।
इस दिन सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति एकजुट होकर चलते हैं, जो हर तरह के काम के लिए शुभ मुहूर्त माना जाता है। यही वजह है कि लोग इस दिन को किसी नए सामान की खरीदारी और इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा मानते हैं। खरीदने के साथ ही कोई चीज दान करना भी इस दिन पुण्य बटोरने व समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। इसे आखा तीज भी कहते हैं। इस दिन घर में हवन पूजा और पितरों को श्राद्ध देना भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
महिलाएं इस दिन शिव मंदिर जाकर गले में लाल धागा और माथे पर सिंदूर लगाकर पति की लंबी उम्र के लिए दुआ मांगती हैं। माना जाता है कि कोई व्यक्ति लंबे वक्त से बीमार चल रहा है, तो उसके तकिए के नीचे नीम की पत्तियां रखकर उन्हें इस दिन शिव मंदिर में चढ़ाने से लाभ मिलता है।

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