लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को दोपहर बाद लखनऊ से दिल्ली पहुंचे. जहां मुख्यमंत्री योगी गृहमंत्री अमित शाह से मिलने उनके घर पहुंचे हैं. वहीं, सीएम शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे. राजनीतिक अटकलों के बीच योगी का दिल्ली पहुंचना एक और कयास को जन्म देने वाला है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि सीएम योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से एक औपचारिक मुलाकात करने के लिए गए हैं.
बीएल संतोष के लखनऊ प्रवास से अटकलें हुई तेज
उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन में बदलाव की अटकलें बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के लखनऊ प्रवास के दौरान से तेज हो गई थी. तब से कयासों का दौर चलने लगा. बीएल संतोष ने 3 दिन तक लखनऊ में रहकर पार्टी के विधायकों, सांसदों, प्रदेश पदाधिकारियों, कुछ कार्यकर्ताओं, संघ और सरकार के लोगों से मुलाकात करके नब्ज टटोलने का काम किया था. इसके आधार पर उन्होंने एक रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी थी.
जिसके बाद दिल्ली में उत्तर प्रदेश को लेकर एक संक्षिप्त बैठक भी हुई. फिर यूपी बीजेपी प्रभारी राधामोहन सिंह लखनऊ आए. गत रविवार को राधा मोहन सिंह ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से मुलाकात की तो एक बार फिर यह मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं. हालांकि राधामोहन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए इस बात का खंडन किया था और कहा था कि उनकी मुलाकात से मंत्रिमंडल से कोई नाता नहीं है.
सीएम आवास पर बुधवार को हुई बैठक
इसके बाद मुख्यमंत्री आवास पर बुधवार की रात कोर कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल शामिल हुए. पार्टी से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को लेकर चर्चा हुई. इसके दूसरे दिन ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अचानक दिल्ली दौरा लग गया. वे दिल्ली जा रहे हैं. जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से होगी. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेताओं के बीच होने वाली मुलाकात का मंत्रिमंडल विस्तार भी एक अहम एजेंडा हो सकता है. साथ ही पंचायत चुनाव परिणाम से लेकर आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से बातचीत हो सकती है.
इन बिंदुओं पर केंद्रीय नेतृत्व से हो सकती है चर्चा
  • सीएम योगी सरकार के कामकाज को लेकर अपनी पूरी रिपोर्ट रख सकते हैं.
  • कोविड-19 प्रबंधन पर मुख्यमंत्री अपना पक्ष पीएम मोदी के सामने रख सकते हैं.
  • सीएम योगी का मंत्रिमंडल विस्तार रोकने पर सारा जोर होगा, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व उन्हें समझाने का प्रयास करेगा.
  • केंद्रीय नेतृत्व से पार्टी को साथ लेकर चलने की मिल सकती है सलाह.
  • विधायकों और सांसदों की नाराजगी पर भी केंद्रीय नेतृत्व से हो सकती है बात.

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