लखनऊ: प्रदेश के जिलों में खनन पट्टे देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मौरंग और बजरी के खनन के लिए यह नीलामी और पट्टे देने के निर्देश राज्य सरकार ने दिए थे, जिसके अनुपालन में निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म डॉ. रोशन जैकब ने सभी जिलाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिया था. इन पदों की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद भवन निर्माण के साथ-साथ सड़कों के निर्माण में भी तेजी आने की संभावना है.
दाम में कमी आने की संभावना
निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म से हरी झंडी मिलने के बाद उन जिलों में जहां खनिज संपदा है के लिए नीलामी और टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जहां नीलामी हो चुकी है वहां अब आगे की कार्यवाही के निर्देश निदेशक ने दिए हैं. बारिश का मौसम शुरू होने के कारण प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है. संभावना व्यक्त की जा रही है कि जून महीने में ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.
20 अप्रैल को स्थगित की गई थी प्रक्रिया
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने गत 20 अप्रैल को खनिज खनन की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी. उस समय तक कई जिलों में नीलामी और टेंडर के कार्य पूरे हो चुके थे. कई जिलों में तो मात्र टेंडर खोलना ही बाकी रह गया था. अब जहां प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, उसे पूरा करने के लिए फाइलें खंगाली जाने लगी हैं.
डेढ़ हजार से अधिक स्थानों पर होता है खनन
प्रदेश में डेढ़ हजार से अधिक स्थानों पर खनन होता है. सबसे अधिक खनन बालू के लिए किया जाता है. जिन जिलों से होकर नदियां बहती हैं, वहां दो दर्जन से अधिक ऐसे स्थल हैं, जहां खनन का कार्य होता रहा है. इसके बाद पश्चिमी जिलों में मोरंग का खनन तथा कुछ जिलों में बॉर्डर और पत्थर के खनन का कार्य होता है. कुछ ही दिनों में बारिश और बाढ़ की संभावना है, जिसको देखते हुए प्रक्रिया जल्दी पूरी करने को कहा गया है. बारिश के दौरान बालू और मोरंग का खनन बंद हो जाता है, जबकि पत्थर का खनन जारी रहता है. निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म डॉ. रोशन जैकब का कहना है कि एक सप्ताह के अंदर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.

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