लखनऊ: जयंत चौधरी को रालोद का नया अध्यक्ष बनाया गया है. राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने जयंत चौधरी का नाम अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित किया था. जिसपर सर्वसम्मति से पार्टी नेताओं ने मुहर लगा दी. राष्ट्रीय लोकदल की बैठक में सर्व सहमति से जयंत चौधरी को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है. पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विरासत और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजित सिंह की किसानों की सियासत अब जयंत चौधरी के हाथ में है. दादा और पिता की तरह किसानों की राजनीति समझने वाले जयंत को किसान आंदोलन के बाद शुरू हुई लड़ाई को जारी रखना होगा.
पिता चौधरी अजीत सिंह के निधन के बाद मंगलवार को हुई पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से जयंती चौधरी के नाम पर मुहर लग गई.  दिल्ली में वर्चुअल मीटिंग में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जयंत चौधरी का नाम प्रस्तावित किया. जिस पर सभी ने अपनी मुहर लगा दी. मीटिंग में पार्टी नेताओं ने 6 मई को कोरोना से चौधरी अजीत सिंह की मृत्यु पर शोक भी व्यक्त किया.
‘पार्टी को बनाएंगे मजबूत’
अध्यक्ष चुने जाने पर जयंत चौधरी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजीत सिंह के बताए रास्ते पर चलते हुए किसान हितों के लिए सदैव संघर्ष करने का संकल्प लिया. जयंत चौधरी ने अपील की है कि कई अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजीत सिंह के साथ काम किया है. इस समय संकट की घड़ी में वे पार्टी से जुड़कर संगठन को मजबूत बनाएंगे. मीटिंग में हाल ही में संपन्न उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव के साथ ही पार्टी संगठन पर भी चर्चा हुई. पंचायत चुनाव में पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की जीत पर संतोष जाहिर किया गया. साथ ही महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात में तूफानी चक्रवात से हुई क्षति पर भी गहरा शोक जताया.
किसान आंदोलन को समर्थन
जयंत चौधरी ने पिछले 6 माह से चल रहे संयुक्त किसान आंदोलन का समर्थन किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से 26 मई को भारी संख्या में धरने में हिस्सा लेने को कहा. उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह किसानों से वार्ता कर समस्या का शीघ्र समाधान निकाले. नवनिर्वाचित अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं.
महामारी को रोकने में केंद्र, राज्य सरकार फेल
जयंत चौधरी ने देश में कोरोना वायरस को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस महामारी को रोक पाने में नाकामयाब साबित हो रही हैं. संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान को गति देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण के लिए कर्मचारियों आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी जोड़ा जाए. जिससे घर-घर तक टीकाकरण अभियान चलाया जा सके.

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