लखनऊ: सोमवार को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के पिता का निधन हो गया. उनके निधन पर लोक गायिका व अवनीश अवस्थी की पत्नी मालिनी अवस्थी ने चंद लाइने लिखकर पूरे परिवार की तरफ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि हमारे पूज्य पिताजी आदित्य कुमार अवस्थी आज ब्रह्म मुहूर्त में गोलोक धाम सिधार गए. जीवन भर सबके लिए सोचने वाले, करने वाले अत्यंत सरल सौम्य मृदुभाषी हमारे पिता को परमपिता ने अपने समीप बुला लिया. आईआईटी बीएचयू बनारस से मेटलर्जिस्ट के इंजीनियर और जर्मनी में प्रशिक्षित हमारे पिताजी उस पीढ़ी के नायक थे. जिस पीढ़ी ने स्वाधीन भारत की दृढ़ आधारशिला रखी.
उन्होंने लिखा कि स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) की सेवा में उन्होंने अपना जीवन अर्पित कर दिया. राउरकेला बोकारो भिलाई के संयंत्र में लोहे की ढलाई यानी कास्टिंग में पिताजी की दक्षता अद्वितीय थी. वे रेल इंजन और बोगी की ढलाई के लिए दूर-दूर से परामर्श के लिए बुलाये जाते थे. अंतिम समय तक वह अपना काम स्वयं करते रहे. कर्मठ व्यक्ति के रूप में उन्होंने कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन के आधार पर आजीवन चले.
परिवार के लिए वट वृक्ष थे पिताजी
प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी लिखती हैं कि वह परिवार के वटवृक्ष थे. शांत गंभीर संयत! आज उनकी शीतल छाया सदा के लिए ब्रह्माण्ड में विलीन हो गई. संलग्न छवि में पिताजी हमारे सहायक रवि के पुत्र आकाश को पढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं. यह उनके जीवन के एक-एक पल की सार्थकता का प्रमाण है. पूज्य पिताजी सदगति प्राप्त करें, यही महादेव से प्रार्थना है. इस कष्ट के समय अम्मा श्रद्धेया ऊषा अवस्थी हम सबका पुण्यसंबल हैं, आश्रय हैं. भवानी अम्मा को यह कष्ट सहने की शक्ति प्रदान करें.
उनके परिवार में पुत्र अवनीश अवस्थी, पुत्रवधु मालिनी अवस्थी, पुत्र मनीष, पुत्रवधु मनाली अवस्थी, तीसरे पुत्र आशीष अवस्थी और पुत्रवधु जूही अवस्थी के अलावा पौत्र पौत्री अनन्या, केशव, अद्वितीय, गायत्री, श्रिया, अनुग्रह और अक्षत हैं.

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