कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी के खिलाफ सीबीआई जांच की मंजूरी दे दी है. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि राज्यपाल संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत इसके लिए अधिकृत हैं.
इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में ममता सरकार के 4 पूर्व मंत्रियों (तृणमूल विधायकों) के खिलाफ सीबीआई जांच की खबरें प्रकाशित की गईं. इस पर राज्यपाल ने कहा है कि विधायक होने के कारण इन चारों के खिलाफ सीबीआई जांच की मंजूरी दिए जाने की खबरें गलत हैं.
बता दें कि 2014 में कथित तौर पर टेप बनाए जाने के समय ममता बनर्जी कैबिनेट में सभी चार मंत्री थे. इनमें ले हाकिम, मुखर्जी और मित्रा को फिर से संपन्न विधानसभा चुनावों में टीएमसी का विधायक चुन लिया गया. जबकि टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए चटर्जी ने दोनों खेमों के साथ संबंध तोड़ लिए हैं.
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि नारदा न्यूज पोर्टल के संपादक और प्रबंध निदेशक सैमुअल ने 2016 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक स्टिंग वीडियो प्रसारित किया था. वीडियो में टीएमसी के सांसदों और मंत्रियों समेत टीएमसी के कई नेताओं को रुपये लेते देखा गया था.
तृणमूल के 13 नेताओं पर प्राथमिकी
स्टिंग ऑपरेशन के कथित वीडियो फूटेज को 2016 में विधानसभा चुनाव से पहले प्रसारित कर दिया गया. सीबीआई ने अप्रैल 2017 में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की थी. प्राथमिकी में टीएमसी के लगभग 13 नेताओं के नाम थे, और उनमें से कई से पूछताछ की गई. कथित फूटेज को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस मामले की जांच कर रहा है.

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