लखनऊः सीतापुर की जेल में बंद रामपुर से सांसद आजम खां 1 मई को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. रविवार को उन्हें दिक्कत बढ़ने लगी. इसके बाद आनन-फानन में सीतापुर जिला कारागार से आजम खां को लखनऊ के मेदांता अस्पताल भेजने की तैयारी शुरू हो गई. रात करीब नौ बजे अपने बेटे अब्दुल्लाह के साथ आजम खां मेदांता अस्पताल पहुंच गए हैं. यहां उनका कोरोना वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जाएगा.
लखनऊ जाने से कर दिया था इनकार
बता दें कि सीतापुर जेल में बंद रामपुर के सांसद पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां 1 माई को कोरोना पॉजटिव पाये गये थे. 1 मई की रात को आजम खां को लखनऊ शिफ्ट करने की तैयारी हो रही थी. अस्पताल के गेट पर एंबुलेंस के साथ सुरक्षा में तैनात कर्मियों की गाड़ी भी लगा दी गई थी. लेकिन आजम खां ने लखनऊ जाने से साफ इनकार कर दिया था. जिसके बाद उन्हें सीतापुर जेल में आइसोलेशन में दोबारा रखा गया था.
एक मई को पाए गए कोरोना संक्रमित
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के रामपुर से सांसद आजम खान पिछले काफी समय से सीतापुर की जेल में बंद है. कुछ दिन पहले उनकी व पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम की कोरोना की जांच की गई थी जिसमें उन्हें कोरोना संक्रमित पाया गया. रविवार दोपहर को उनकी तबियत बिगड़ गई. पिता के साथ जेल में निरुद्ध बेटा अब्दुल्ला आजम भी कोरोना संक्रमित थे. लिहाजा दोनों को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जिला कारागार प्रशासन को जरूरत महसूस हुई. इसके बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी गई. सीओ सहित कई थानों की पुलिस फोर्स की मौजूदगी में आजम खां और बेटे अब्दुल्ला को एंबुलेंस से मेदांता अस्पताल लाया गया. जेल प्रशासन के मुताबिक आजम खां और उनके बेटे को सीतापुर सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर दोनों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ शिफ्ट किया गया है.
एक साल से सीतापुर जेल में बंद हैं आजम खां
बता दें कि 26 फरवरी 2020 को आजम खां, उनकी पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला ने रामपुर की अदालत में आत्मसमर्पण किया था. तीनों के ऊपर दस्तावेजों में हेराफेरी करके फर्जी पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवाने का साल 2019 में मुकदमा दर्ज हुआ था. इस मुकदमे में अदालत द्वारा बार-बार बुलाने के बावजूद वे हाजिर नहीं हो रहे थे. लिहाजा कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था. गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद तीनों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया और जमानत मांगी लेकिन अदालत ने उन्हें रामपुर की जिला जेल भेज दिया था. आजम खान की विधायक पत्नी तजीन फातमा को कुछ दिनों पहले ही जमानत मिल गई थी. लेकिन, आजम खां और अब्दुल्ला आजम का इंतजार लम्बा होता जा रहा है. आजम के ऊपर 80 से ज्यादा मुकदमें दर्ज है. जबकि अब्दुल्ला के ऊपर 40 से ज्यादा केस दर्ज हैं.

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