unnamedजगत शर्मा की रिपोर्ट
दतिया । जिले की इन्दरगढ़ तहसील के अंतर्गत रविवार की रात सिंध नदी में खौरोना घाट के समीप हुई दुखद नाव दुर्घटना में 9 बच्चे व तीन महिलाओं की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई। इनके अलावा दो बच्चे अभी भी लापता हैं। हादसे की जानकारी लगते ही प्रषासन के गेाताखोरें ने रेस्क्यू आप्रेषन शुरू कर दिया जिसके वाद ही मृतकों के शव वरामद होते गये इसी बीच शासन ने मृतकों के परिजनों को एक एक लाख सहायता राशि देने की घोशणा की है।
खराब नाव के कारण हुआ दर्दनाक हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम लॉच व सेवढ़ा निवासी केवट समुदाय के कुछ लोग अपने परिजनों व रिश्तेदारों के साथ पारिवारिक कार्यक्रम में शिरकत करने नाव में सवार होकर खैरोना घाट से सिंध नदी पार कर सिलेंटा गांव जा रहे थे। लेकिन सूत्रों की माने तो वह नाम पहले से ही क्षतिग्रस्त थी जिसके कारण ही नाव खौरोना घाट से थोड़ी दूर पहुंची थी इसी दौरान उस में पानी भरने लगा और वह देखते ही देखते पलट कर डूब गई। नाव में सवार बड़े लोगों ने तो तैरकर अपनी जान बचा ली लेकिन महिलाएं एवं बच्चे नदी पार नहीं कर सके।
जल्दी पहुचने के लालच में लील ली 12 जिन्दगीयां
जानकारी के मुताविक केवट समुदाय के लोग खैरोना से सिलेटा जा रहे थे जिसमें नदी के रास्ते से जाने में दोनो गांव के बीच की दूरी कम हो जाती है बस यही कम दूरी और जल्दी पहुंचने के लालच के चलते ही सभी नदी के रास्ते सिलेटा जाने के लिये सिंध पार करके जा रहे थे कि बीच में ये हादसा हो गया।
हादसे के वाद ही हरकत में आया प्रशासन
नाव पलटने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा तत्पराता से बचाव कार्य आरंभ किया गया। संभाग आयुक्त श्री के.के. खरे और पुलिस महानिरीक्षक चंबल जोन श्री डी.सी. सागर ने भी बचाव कार्य का जायजा लिया। नाव दुर्घटना की खबर मिलने पर कलेक्टर श्री रघुराज राजेन्द्रन्, पुलिस अधीक्षक श्री आर.पी. सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी रात में ही तत्काल मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य को और गति दिलाई।
बचाव कार्य में होमगार्ड के प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद भी ली गई। डिस्ट्रिक कमांण्डेट श्री के.के. नारौलिया के नेतृत्व मेें होमगार्ड के गोताखोरों ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बचाव कार्य को अंजाम दिया। बचाव दल द्वारा लगभग एक दर्जन लोगों को नदी से सुरक्षित निकालने में मदद की साथ ही नदी में डूब गए महिलाओं व बच्चों के शव निकालने में जुट गए। बचाव दल द्वारा अभी तक 9 बच्चे त तीन महिलाओं सहित कुल 12 लोगों के शव निकाले जा चुके है। लापता दो बच्चों व एक महिलाओं की तलाश भी तेजी के साथ सिंध नदी में आसपास के गांव के किनारों पर की जा रही है। साथ ही गोताखार भी नदीं में लापता लोगों की तलाश में जुटे है।
मृतकों के परिजनों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी. 6 (4) ) के प्रावधानों के तहत् राहत मंजूर करने की प्रक्रिया जिला प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है।
हादसे में मृतकों अैार लापता लोगों के नाम
जिला प्रशासन को और पुलिस के बचाव दल द्वारा अब तक 12 शव नदी से निकाले जा चुके हैं। प्रशासन द्वारा सभी मृतकों की पहचान कराई जा रही हैं। दुर्घटना के समय नाव में सवार लोगों के परिजनों व गांव वासियों ने इन शवों को देखकर मृतकों के नाम ग्राम लांच निवासी मनीष पुत्र श्री कल्लू केवट डेढ़ वर्ष, पवन, पुत्र श्री राजाराम केवट 3 वर्ष, करूआ पुत्र श्री बलवीर केवट 3 वर्ष, कु. अंजनी उर्फ संध्या पुत्री श्री राजाराम केवट 6 माह, श्रीमती मुलिया पत्नि श्री किशोरी केवट 65 वर्ष, कु. रज्जो पुत्री श्री सुक्खा केवट 15 वर्ष और श्रीमती लाली पत्नि श्री दिनेश केवट 22 वर्ष बताए हैं। इनके अलावा सेवढ़ा की कु. मन्नू पुत्री श्री राजू केवट 2 वर्ष, कु. चांदनी पुत्री श्री राजू केवट 9 वर्ष, श्रीमती किरण पत्नि श्री राजू मांझी 30 वर्ष, बाबू उर्फ छोटू श्री राजू मांझी 9 वर्ष व कु. पूजा पुत्री श्री राजू मंाझी 5 वर्ष के शव भी इनके परिजनों ने पहचाने हैं। लापता लोगों के नाम ग्राम लांच निवासी कु. रश्मि पुत्री श्री देवीराम केवट 14 वर्ष और कु. साक्षी पुत्री श्री बलवीर केवट 5 वर्ष बताए गए हैं।
मृतकों के घरों में पसरा संन्नाटा
हादसे में अघिकांश बच्चों की मौत हुई है वही तीन महिलाओं के शव भी बरामद हुऐ। अपने बच्चों और परिजनों को खोने वाले तमाम परिवारों में विलाप शोंक और संन्नाटा छाया हुआ है इस हादसें में कई परिवारों ने अपने घर के चिरागों को खोया है तो कई बच्चों ने अपनी मां को खो दिया।जहां एक ओर भारती केवट ने अपने बेटे पवन और बेटी अंजनी को खोया है तो वही वलबीर केवट ने अपने बेटे करूआ और बेटी साक्षी को खो दिया।वही सेवढा निवासी राजू केवट का तो घर ही उजड गया उसका बेटा और पत्नि दोनो ही इस हादसे की भेट चढ गये।
इतने बडे हादसे के बाद केवल विधानसभाई नेताओं ने ही व्यक्त की संवेदना
इतने बडे हादसे के बाद एक बार फिर जिले के कुछ जिम्मेदार नेताओं को छोडकर अन्य जनसेवकों की संवेदनहीनता सामने आई है। इस हादसे के बाद जहां एक ओर प्रदेष के बरिष्ठ मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने अपनी संवेदना व्यक्त की वही दूसरी ओं क्षेत्र के विधयाक प्रदीप अग्रवाल मृतकों के घर जाकर उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते रहे। इसके साथ ही कांग्रेस के नेता और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह ने भी घटना स्थल पर पहुच कर मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कीं। इससे पहले भी विधानसभा चुनाव के दौरान जब टीकमगढ के मजदूरों से भरा ट्रके चिरूला थाने के पास पलट गया था और उसमें 16 मजदूरों की जान चली गई थी तब भी स्थानीय नेताओं की संवेदनहीनता देखी गई थी।
प्रशासन ने की सहायता राशि की घोषणा साथ ही जल्द ही वितरण भी
जानकारी के मुताविक प्रषासन में इस हादसे में मृतक हुऐ लोगों को एक लाख रूप्ये की सहायता राषि की घोषणा की है जो जल्द से जल्द ही पीडितो को वितरित कर दी जोयगी । एडीएम पीएस जाटव के अनुसार हादसे में मृत हुऐ परिजनों को देने वाली सहायता राशि आ चुकी है जो शीघ्र वितरित कर दी जायेगी।

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