लखनऊः उत्तर प्रदेश में आंशिक लॉकडाउन की अवधि बढ़ने के साथ ही राज्य सरकार ने आवश्यक वस्तुओं और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए पास जारी करने की व्यवस्था शुरू कर दी है. अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट के माध्यम से आवश्यक वस्तु एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों और संस्थाओं के पास जारी किए जाने को लेकर आदेश जारी किए हैं.
प्रदेश में पास का जारी आदेश
अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण प्रदेश में घोषित लॉकडाउन की अवधि में पिछले साल की तरह ऑनलाइन ई-पास जारी किए जाने का निर्णय लिया गया है. यह व्यवस्था पूर्व की तरह मुख्यतः सूचीबद्ध आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति करने वाली संस्थाओं के लिए पास जारी करने हेतु निर्मित की गई है.
आमजन भी बनवा सकेंगे ऑनलाइन ई-पास
जारी आदेश में कहा गया है कि आमजन चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करने के लिए भी ई-पास के लिए आवेदन कर सकते हैं. यदि किसी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति आमजन को प्राप्त नहीं हो रही है तो उनके द्वारा इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर की जा सकती है.
ऑनलाइन पास के लिए इस तरह करें आवदेन
आवेदक rahat.up.nic.in पर उपलब्ध लिंक http://164.100.68.164/upepass2/ के माध्यम से ऑनलाइन ही पास के लिए आवेदन कर सकेंगे. ई-पास में संस्थागत पास का भी प्रावधान किया गया है जिसमें एक संस्था आवेदक सहित अधिकतम 5 कर्मचारियों के लिए आवेदन पत्र किए जा सकेंगे. ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का सत्यापन अधिकृत प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ही किया जाएगा. आवेदनों के सत्यापन के बाद उन्हें स्वीकृत किया जाएगा. स्वीकृत किए गए आवेदन के लिए ई-पास ऑनलाइन जारी किए जाएंगे, जिनका आवेदक द्वारा उन्हें प्राप्त s.m.s. में दिए गए लिंक पर क्लिक कर डाउनलोड या प्रिंट कर उपयोग किया जा सकेगा.
ई-पास की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी होगी मान्य
ई-पास की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी यानी डिजिटल कॉपी भी मान्य होगी. ई-पास की पूर्ण अवधि में जांच के समय मांगे जाने पर आवेदक को आवेदन करते समय अपलोड किया गया जीएसटी प्रमाण पत्र, वाणिज्य प्रमाण पत्र, फोटोयुक्त पहचान पत्र जिसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र आदि प्रस्तुत करना होगा. जिले की सीमा के अंतर्गत पास जारी करने के लिए उप जिलाधिकारी और प्रदेश की सीमा के भीतर अंतर्जनपदीय पास जारी करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी अधिकृत होंगे. संस्थानों के लिए जारी ई-पास लॉकडाउन की संपूर्ण अवधि के लिए वैध होंगे. जबकि आम जन के लिए जारी जनपदीय ई-पास की वैधता 1 दिन की होगी एवं अंतर्जनपदीय पास की वैधता 2 दिन की होगी.
चेकिंग के दौरान दिखाना होगा जरूरी
चेकिंग के दौरान ई-पास का सत्यापन क्यूआर कोड के माध्यम से पुलिस कर्मियों द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा. निर्देश दिया गया है कि ई पास मात्र अत्यावश्यक एवं लॉकडाउन की अवधि में परिस्थितिजन्य कठिनाइयों के निराकरण के लिए निर्गत किए जाएं और लॉकडाउन की स्थिति में संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए ई-पास जारी किए जाने में सावधानी बरती जाएं.
प्रदेश के बाहर के लिए विशेष परिस्थितियों में डीएम करेंगे ई पास जारी
प्रदेश के बाहर के राज्यों के लिए विशिष्ट मामलों में ई-पास आवेदक के प्रस्थान जनपद से संबंधित जनपद के जिलाधिकारी द्वारा जारी किए जाएंगे. ई-पास ऑनलाइन जारी किए जाने की प्रक्रिया संबंधी दिशा-निर्देश सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए हैं. इसके अलावा अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को जारी आदेश में कहा है कि ई-पास जारी करने संबंधी किसी भी समस्या के निदान के लिए राहत आयुक्त कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है.
समस्या होने पर राहत आयुक्त कार्यालय में किया जा सकता है संपर्क
इसके लिए केवल विशेष सचिव राजस्व विभाग 9411006600 चंद्रकांत प्रोजेक्ट एक्सपर्ट 9988514423 के नंबर जारी किए गए हैं. इसके अलावा राहत आयुक्त कार्यालय का व्हाट्सएप नंबर 9454411081 और राहत आयुक्त कार्यालय का फोन नंबर 0522, 22388100 पर बात की जा सकती है.

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