Mukhtarमोदी ने कुछ दिन पहले कहा था कि मैं बनारस आऊंगा तो मुसलमान मुझे प्यार करने लगेंगे। सच में मोदी ने गलत नहीं कहा था। मुख्तार से समझौते के बाद ही मोदी का आत्मविश्वास जबरदस्त बढ़ गया था। मुख्तार अंसारी ने पहले ऐलान किया था कि वह हर हाल में मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे लेकिन बाद में वह हट गए। माना जा रहा था कि वह अरविन्द केजरीवाल को समर्थन देंगे पर ऐसा हुआ नहीं। सूत्र बताते हैं कि एक रणनीति के तहत मुख्तार ने मोदी को समर्थन दिया है। एक प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम के तहत क़ौमी एकता दल ने वाराणसी में भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी का समर्थन करने का एलान किया है। इससे पहले पार्टी प्रत्याशी और जेल में कैद माफिया मुख्तार अंसारी ने मोदी के खिलाफ चुनाव नहीं लडऩे का एलान किया था। मुख्तार अंसारी की गैरमौजूदगी में पार्टी का पूरा कामकाज संभाल रहे उनके बड़े भाई अफजल अंसारी ने एक अंग्रेजी अखबार से चर्चा में कहा, देश को आज मोदी की जरूरत है। अगर वे प्रधानमंत्री बने तो भी मुसलमानों की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पूर्व सपा सांसद अफजल के अनुसार यही कारण है कि वाराणसी का मुसलमान भी मोदी को वोट देने का मन बना रहा है।

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