पीलीभीत: समाजवादी पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे हाजी रियाज अहमद की कोरोना के चलते बरेली के निजी अस्पताल में बुधवार देर रात मौत हो गई, जिसके बाद उनका शव पैतृक गांव गौहर लाया गया. कोरोना प्रोटोकॉल पर हाजी का जन समर्थन भारी नजर आया. कोरोना संक्रमण से मौत के बाद भी हाजी रियाज अहमद के समर्थकों का जनसैलाब देखने को मिला.
पीलीभीत की सदर विधानसभा से पांच बार विधायक और सपा सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे हाजी रियाज अहमद की मौत के बाद सोशल मीडिया से लेकर उनके गांव तक समर्थक उनके व्यक्तित्व की चर्चा कर रहे हैं. जैसे ही हाजी रियाज अहमद का शव उनके पैतृक गांव गौहर पहुंचा, समर्थकों का जन सैलाब देखने को मिला. कोरोना से डर के ऊपर कहीं न कहीं हाजी का दबदबा और उनके समर्थकों का प्यार भारी नजर आया.
बड़ी संख्या में हाजी के समर्थक अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैतृक गांव पहुंचे. हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग नजर नहीं आई. क्योंकि हाजी रियाज अहमद जनता के मददगार के रूप में जाने जाते थे और हमेशा ही सादगी से जीवन व्यतीत कर जनता के बीच रहते थे.
अखिलेश और शिवपाल के करीबियों में होती थी गिनती
समाजवादी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे हाजी रियाज अहमद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के करीबियों में शुमार थे. कई पारिवारिक समारोह में अखिलेश और शिवपाल ने शिरकत भी की थी.

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