लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना को लेकर अधिकारियों को युद्ध गति से कार्य करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि हर हाल में प्रदेश में एल-2 और एल-3 स्तर के बेडों की संख्या में जल्द से जल्द इजाफा करें. यदि निजी संस्थान इस महामारी में असहयोग कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करें. इसके अलावा उन्होंने एमबीबीएस के चौथे और पांचवें साल के छात्रों की परीक्षाएं निरस्त होने के कारण इनकी ड्यूटी हॉस्पिटल में लगाने के निर्देश दिए हैं.
एमबीबीएस के चौथे और पांचवें साल के छात्रों की लगेगी ड्यूटी
सीएम योगी ने बुधवार सुबह सरकारी आवास से कोरोना के प्रभावी रोकथाम को लेकर उच्चाधिकारियों के साथ वर्चुअली समीक्षा बैठक की. मुख्यमंत्री ने कोरोना के चलते बिगड़ते हुए हालात को देखते हुए एमबीबीएस के चौथे और पांचवें साल के छात्रों की परीक्षाएं जहां स्थगित कर दी हैं. वहीं उनकी ड्यूटी अब कोविड-19 अस्पतालों में लगाने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने बेड बढ़ाने के लिए सरकारी संस्थानों, निजी मेडिकल कॉलेजों के अलावा अन्य विकल्पों पर भी कार्य करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने टेस्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए केजीएमयू में 5500 से 11 हजार और राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 5 हजार से 10 हजार करने के निर्देश दिए हैं. पूर्व में आगरा, बरेली और नोएडा में संचालित केंद्रीय संस्थाओं की लैब में 1200 जांचें रोजाना होती थीं. सीएम योगी ने इनका भी उपयोग करने के निर्देश दिए हैं.
ये प्राइवेट हॉस्पिटल होंगे टेकओवर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में एरा, टीएसएम और इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज में दो हजार बेड बढ़ाए जा रहे हैं. हालांकि बलरामपुर हॉस्पिटल में 300 और बेडों की व्यवस्था हो गई है. इसमें 215 बेड ऑक्सीजन युक्त, 40 बेड वेंटिलेटर युक्त, आज शाम तक 25 और बेड वेंटिलेटर युक्त हो जाएंगे. उन्होंने लखनऊ के कैंसर हॉस्पिटल को टेकओवर कर 300 बेड में 50 बेड आईसीयू के बनाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने हिंद और मेयो हॉस्पिटल को भी टेकओवर करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने प्रदेश में ऐसे हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेजों में एक-एक नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इनकी देखभाल में लोगों को सुचारू उपचार मिलता रहे. वहीं सीएम ने कानपुर में रामा मेडिकल कॉलेज को टेक ओवर करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही प्रयागराज में यूनाईटेड हॉस्पिटल को टेकओवर करने के निर्देश दिए हैं. यहां अतिरिक्त रूप से 100 और बेड की व्यवस्था हो गई है.
RTPCR से डेढ़ लाख जांच के निर्देश
प्रदेश के 12 जिले अमेठी, औरैया, बिजनौर, कुशीनगर, देवरिया, मऊ, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, बुलंदशहर, सीतापुर, महोबा और कासगंज में नई आरटीपीसीआर लैब बनाई जा रही हैं. प्रदेश में अभी तक रोजाना करीब दो लाख से ज्यादा हो रही जांचों में करीब आधी जांच RTPCR से हो रही थी. इसे बढ़ाकर उन्होंने रोजाना डेढ़ लाख करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने ज्यादा जांचों के लिए निजी लैबों को भी प्रोत्साहित करने और उनसे वार्ता करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने निजी लैबों में जांच बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से भुगतान करने पर भी विचार करने को कहा है.
प्रभारी मंत्री करें जिलों की रोजाना समीक्षा
सीएम योगी ने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने प्रभार वाले जिलों की रोजाना समीक्षा करें. सभी जिलों में वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए हैं, यह सुनिश्चित करें कि उनका उपयोग हो रहा है या नहीं. इसके अलावा यदि किसी अन्य संसाधन की आवश्यकता है, तो उससे तुरंत अवगत कराएं. प्रदेश में 108 एंबुलेंस करीब 4700 हैं. सीएम योगी ने इनमें से आधी एंबुलेंस का उपयोग कोविड और आधी नॉन कोविड रोगियों के लिए करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि वह अपनी जरूरतों के अनुसार निजी क्षेत्र के एंबुलेंस भी अधिग्रहित करें.
शाम तक आएगी रेमदेसीविर की 25 हजार डोज
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास के बावजूद भी संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है. राजधानी लखनऊ में कोरोना की दूसरी लहर का संक्रमण अब बेकाबू हो चला है. अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं, वहीं लखनऊ समेत कई जनपदों में जीवन रक्षक दवा रेमदेसीविर की भी कमी सामने आ रही है. ऐसे में उत्तरप्रदेश सरकार ने आज एक स्टेट प्लेन इंजेक्शन लेने के लिए अहमदाबाद भेजा है. इससे शाम तक 25 हजार इंजेक्शन की आपूर्ति हो जाएगी.

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