लखनऊ: केजीएमयू में कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. मरीज और तीमारदार ही नहीं अस्पताल के कर्मचारियों से लेकर अफसर तक बेपरवाह हैं. स्थिति यह है कि खुद कुलपति ने कोविड अस्पताल का दौरा करने के बाद दफ्तर आना जारी रखा. इसके कुछ दिन बाद ही उनमें वायरस की पुष्टि हुई. इसके बाद आज कुलपति कार्यालय के दस कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. जिसके बाद कुलपति दफ्तर को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है.
वहीं कोविड अस्पताल के दौरे को लेकर शिक्षक विरोध कर रहे हैं. केजीएमयू में कोविड प्रोटोकॉल की गाइड लाइन बनाई गई है. इसे कई राज्यों ने भी अपने यहां लागू किया है. मगर, संस्थान खुद ही इस गाइड लाइन को दरकिनार कर रहा है. ऐसे में कैंपस में संक्रमण फैल रहा है. बुधवार को कुलपति दफ्तर के 10 कर्मियों में कोरोना की पुष्टि हुई है.
इसके बाद यहां हड़कंप मच गया. कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद बुधवार को कुलपति कार्यालय 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया. सुबह से ही कुलपति कार्यालय में सैनिटाइजिंग का काम कराया जा रहा है. बता दें कि अभी कुलपति कार्यालय के स्टॉफ के कई लोगों की रिपोर्ट आनी शेष है.
गत वर्ष भी फैला था संक्रमणकेजीएमयू में गत वर्ष भी 300 के करीब डॉक्टर-कर्मी संक्रमित हुए थे. इस बार भी कैम्पस में संक्रमण फैल गया है. कुलपति डॉ. विपिन पुरी दो अप्रैल को कोविड अस्पताल का दौरा करने गए थे. वह वैक्सीन की डोज भी ले चुके थे. इसके बाद भी वह दोबारा कोरोना की चपेट में आ गए हैं.
माना जा रहा है कि कुलपति के कोविड अस्पताल के दौरे के बाद ही उनके कार्यालय के कर्मचारी संक्रमित हुए हैं. ऐसे ही चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु भी पॉजिटिव हो गए हैं, वह भी वैक्सीन की डोज ले चुके थे. मंगलवार को 40 डॉक्टरों में वायरस की पुष्टि हुई थी. इसमें भी कई लोग वैक्सीन लगवा चुके थे.
24 घंटे के लिए विभागों में भर्ती बंद
केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग में 20 डॉक्टर संक्रमित हुए हैं. यूरोलॉजी विभाग में नौ डॉक्टर संक्रमित हुए हैं. क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में तीन डॉक्टर संक्रमित हुए हैं. इन विभागों का कुछ स्टाफ भी पॉजिटिव आया है. इन विभागों को सैनिटाइज कर 24 घंटे के लिए यहां भर्ती बंद कर दी गई है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.