नई दिल्ली: एनसीपी प्रमुख शरद पवार के दिल्ली आवास पर हुई महाविकास अघाड़ी सरकार के बड़े नेताओं की बैठक के बाद जयंत पाटिल ने साफ कर दिया कि गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अनिल देशमुख के इस्तीफे की जरूरत नहीं. उन्होंने कहा कि ये महत्वपूर्ण अपराधों से ध्यान हटाने का प्रयास है. महाराष्ट्र एटीएस और एनआईए जांच से महत्वपूर्ण चीज़ें सामने आएंगी.
दिल्ली में आज शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत एनसीपी अध्यक्ष से मिले. इसके अलावा एनसीपी नेता अजित पवार और एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने भी शरद पवार से मुलाकात की. एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और कांग्रेस नेता कमलनाथ भी पवार से मिले. शरद पवार से हुई इन तमाम नेताओं की मुलाकात के बाद जयंत पाटिल ने अनिल देशमुख के इस्तीफे को लेकर चल रहे कयासों पर फिलहाल रोक लगा दी है. इससे पहले ऐसी खबरें थीं कि जयंत पाटिल या अजीत पवार में से किसी एक को गृह मंत्रालय सौंपा जा सकता है.

क्या है पूरा विवाद

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्वर परमबीर सिंह ने शनिवार को अपने खत में आरोप लगाया कि अनिल देशमुख पुलिस अधिकारियों को अपने आवास पर बुलाया करते हैं और उन्हें बार, रेस्तरां और दूसरे जगहों से वसूली का टारगेट देते हैं. वहीं इस पूरे मामले पर एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने कहा कि परमबीर सिंह सचिन वाजे मामले में खुद को बचाने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं. परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल आ गया. बीजेपी चिट्ठी विवाद के शुरू होने के साथ ही अघाड़ी सरकार पर हमलावर है और गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग कर रही है.

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