लखनऊः राजधानी के मड़ियांव में रिंग रोड के आस-पास आम के बगीचों में फल आने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. पेड़ में फल आने से किसानों की जिम्मेदारियां पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं. वहीं आम की फसल के बचाव को लेकर तमाम उपाय भी किसान कर रहे हैं. किसान समय-समय पर आम के बाग की सिंचाई कर रहे हैं. साथ ही समय-समय पर दवाओं का छिड़काव भी कर रहे हैं, जिससे फलों में लगने वाली बीमारियों से बचाया जा सके और आम के उत्पादन को अधिक से अधिक बढ़ाया जा सके.
बाग पर लगातार तैनात हैं किसान
आम के बागों में किसान लगातार समय-समय पर सिंचाई कर रहे हैं. वहीं आम को रोग लगने से बचाने के लिए दवाओं का भी छिड़काव किया जा रहा है. किसानों का कहना है कि अब वे पूरा समय बाग पर ही दे रहे हैं. लगातार आम की निगरानी कर रह हैं, जिससे पेड़ में लगने वाले सभी रोगों को समय रहते उपचार कर दिया जाए. बागवानी करने वाले किसानों का कहना है कि आम के बागों में फल लग जाने से देखरेख की जिम्मेदारियां पहले की अपेक्षा अब बढ़ गई हैं.
अधिक उत्पादन होने की उम्मीद
बागवानी करने वाले किसान मणिलाल ने बताया कि आम के बाग में फल समय से पहले आ गए हैं, जिसको लेकर खास ध्यान रखा जा रहा है. वहीं समय-समय पर बाग में सिंचाई की जा रही है और समय पर दवाओं का भी छिड़काव किया जा रहा है, जिससे लगे हुए फल को पूरी तरह से बचाया जा सके. मणिलाल ने बताया कि पहले की अपेक्षा इस बार फल अधिक आया हुआ है. अगर इस बार ज्यादा आंधी, तूफान, ओला नहीं रहा तो अच्छा उत्पादन होगा और इससे किसानों को अच्छा मुनाफा भी मिलेगाा.
कृषि विशेषज्ञ की सलाह
कृषि विशेषज्ञ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि आम के बागों में समय से पहले फल लगने शुरू हो गए हैं, जिसको लेकर किसानों को विशेष ध्यान रखना होगा. लगे हुए फलों के बचाव के लिए पहली छिड़काव में कुनालफास और सल्फर दवा का घोल बनाकर छिड़काव करना होगा. दूसरी छिड़काव 10 से 15 दिन के बाद ईमेडा और करवन्डजीम दवा को मिलाकर घोल बनाकर छिड़काव करना होगा, जिससे पेड़ में लगे हुए फलों को मजबूती मिल सके और इन फलों को बचाया जा सके. इससे किसान आम का अधिक से अधिक उत्पादन कर सकेंगे.

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