लखनऊ: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ एवं शिलान्यास किया. इस मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों की अग्रणी महिलाओं को सम्मानित किया गया. इन महिलाओं ने मंच से अपनी बात भी रखी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा रहीं.
कार्यक्रम में इंडियन बैंक की सीएमडी पद्मजा चुन्दुरु, ओलंपिक खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी, स्वयं सहायता समूह की रवि रंजना पाल, थारू जनजाति की आरती राणा और वर्षा समेत अन्य महिला लीडर मौजूद रहीं.
बुंदेलखंड की रवि रंजना पाल की सराहना
 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड को लेकर मेरी यही रुचि थी कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी इस क्षेत्र ने विकास की बुलंदियों को क्यों नहीं छुआ. बुंदेलखंड में डेरी शुरू किया गया. आज वह डेरी मुनाफे में है. यहां से रवि रंजना पाल जुड़ी हैं. उन्होंने महिलाओं के लिए रास्ता दिखाया है.
प्रियंका गोस्वामी की मांग पर सीएम का आश्वासन
सीएम योगी ने प्रियंका गोस्वामी को ओलंपिक मेडल लाने से पहले की सारी तैयारियों के लिए धनराशि देने का आश्वासन दिया. सीएम ने कहा कि मेडल लाने के बाद यूपी सरकार छह करोड़ की राशि देती है. इससे पहले तैयारी के लिए सारा खर्च सरकार वहन करेगी. प्रियंका ने मंच से अपने संबोधन के दौरान अपनी मांग रखी थी.
बालिकाओं की शिक्षा पर बोले योगी
सीएम ने कहा कि “मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बना. प्राथमिक स्कूलों में गया तो वहां बालिकाओं की संख्या ज्यादा दिखी. मुझे लगा कि क्षेत्र में बालिकाओं की संख्या अधिक होगी, लेकिन ऐसा नहीं था. बच्चियों से बात किया तो पता चला कि बालकों को पब्लिक स्कूल में और बालिकाओं को सरकारी स्कूल में भेज रहे हैं. आज ऑपरेशन कायाकल्प अभियान के माध्यम से 93 स्कूल की व्यवस्था को सुदृढ़ करने का काम किया है. तीन साल में बेसिक स्कूलों में 54 लाख बच्चों की संख्या बढ़ी है.”
महिलाओं को सुरक्षा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “मिशन शक्ति अभियान शुरू किया गया. महिलाओं के प्रति इस लिए अपराध होते हैं, क्योंकि लोग जागरूक नहीं हैं. जानकारी का अभाव है. सीएम हेल्पलाइन, वीमेन पावर लाइन जैसी हेल्पलाइन संचालित हैं. पहले इसकी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच रही थी.”
महिलाएं चलाएंगी कोटे की दुकान
मुख्यमंत्री ने कहा कि “जहां भी कोटे की दुकान में गड़बड़ी मिली उसे महिला स्वयं सहायता समूह को दिया जाएगा. घरौनी के माध्यम भूमि का मालिकाना हक महिलाओं को दी जा रही है. कोविड के दौरान 59 हजार बैंकिंग सखी का चयन किया गया. उन महिला बैंकिंग सखियों का प्रशिक्षण भी किया गया. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा ने कहा कि “महिलाओं के लिए केवल वादे होते थे. इस सरकार ने वह कर दिखाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ईमानदारी और उनकी निष्ठा से महिला समाज अपने मान सम्मान की रक्षा ही नहीं कर सकेगी बल्कि हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का भी काम कर सकेगा.
महिलाओं का सम्मान करने वाले समाज का होता है समग्र विकास
 डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि “1911 से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है. भारत में यह भावना पहले से विद्यमान है, जिस समाज मे महिलाओं का सम्मान होता है वह आगे बढ़ता है. महिलाओं का अपमान करने वाला समाज विनाश की ओर बढ़ता है. द्रोपदी अपमान हुआ तो महाभारत हुई. कौरव का सर्वनाश हुआ. वहीं माता सीता पर कुदृष्टि रखने वाले रावण के परिवार में दिया जलाने वाला भी कोई नहीं बचा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के प्रयास किया जा रहे हैं. आज मुझे इस बात कर गर्व है कि योगी सरकार बनने के तुरंत बाद से एंटीरोमियो स्क्वायड का गठन किया गया. “
सरकार की सराहना
इंडियन बैंक की सीएमडी पद्मजा ने कहा कि चुनौती का सामना करना नहीं बल्कि चुनौती का स्वागत करना है. झांसी की रानी समेत अन्य वीरांगनाओं को देखते हुए कहा सकते हैं कि यह सब हमारे लिए न तो नया है और न ही बहुत कठिन है. पद्मजा ने कुंभ और कोविड के दौरान किए गए कार्यों की सराहना की.
ये रहे मौजूद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, सेवानिवृत जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा, इंडियन बैंक की सीएमडी पद्मजा, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल, डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी समेत अन्य अधिकारी मौजूद हैं.

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