मथुरा : बीते 2 फरवरी को सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में दायर की गयी चौथी पिटीशन श्री कृष्ण जन्म भूमि मामले का फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. वहीं आज इस पिटीशन पर कोर्ट फैसला सुनाएगी कि वाद दर्ज किया जाए या निरस्त कर दिया जाए.
दरअसल प्राचीन मंदिर ठाकुर केशव कटरा विराजमान मंदिर में कार्यरत पवन कुमार शास्त्री ने श्री कृष्ण जन्म भूमि के मालिकाना हक और परिसर को अतिक्रमण मुफ्त बनाने की मांग को लेकर 2 फरवरी को सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में पिटीशन फाइल की थी. जिसके बाद सीनियर डिवीजन जज के अवकाश पर होने के कारण इस मामले पर जिला सेशन न्यायधीश की कोर्ट में बहस हुई थी. बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. वहीं अब आज इस मामले में कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी कि वाद स्वीकार किया जाएगा या निरस्त किया जाएगा.
तीन अन्य पिटीशन विचाराधीन
जन्मभूमि मामले में तीन अन्य पिटीशन न्यायालय में फाइल हैं. पहली पिटीशन कृष्ण भक्त रंजना अग्निहोत्री जिला न्यायालय कोर8Dट में 25 सितंबर को कोर्ट में फाइल की गई. दूसरा पिटीशन 15 दिसंबर को भगवान कृष्ण के वंशज मनीष यादव (हिंदू आर्मी संगठन चीफ) ने सिविल जज सीनियर डिवीजन में फाइल की गई थी. वहीं तीसरी पिटीशन यूनाइटेड हिंदू फ्रंट संस्थान ने 23 दिसंबर को सिविल जज सीनियर डिविजन कोर्ट में फाइल की थी. तीनों मामले फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन हैं.
क्या है मांग
श्री कृष्ण जन्मस्थान परिसर 13.37 एकड़ में बना हुआ है. 11 एकड़ मैं श्री कृष्ण जन्मभूमि लीला मंच, भागवत भवन और 2.37 एकड़ में शाही ईदगाह मस्जिद बनी हुई है. वहीं मांग है कि शाही ईदगाह की जमीन भगवान श्री कृष्ण जन्मभूमि को वापस की जाए. हालाकि श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और श्री कृष्ण जन्म भूमि सेवा ट्रस्ट को कोई डिक्री करने का अधिकार नहीं है.
चार प्रतिवादी पक्ष
प्राचीन मंदिर ठाकुर केशव देव विराजमान मंदिर में सेवायत पवन कुमार ने श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले को लेकर पिटीशन फाइल की गई थी. जिसमे शाही ईदगाह कमेटी, सुन्नी वक्फ बोर्ड, श्री कृष्ण जन्मभूमि सेवा संस्थान और श्री कृष्ण जन्मभूमि सेवा ट्रस्ट को प्रतिवादी पक्ष बनाया गया है.

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