kingfisherअक्टूबर 2012 से आसमां में उडऩे को तरस रही विमान कंपनी किंगफिशर की मुश्किल और बढ़ गई है।
उद्योगपति विजय माल्या को कर्ज देने वाले दाताओं ने तय किया है कि वे रिकवरी के लिए किंगफिशर का ब्रांड बेच देंगी। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। हालांकिए इससे माल्या के बीयर ब्रांड पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
किंगफिशर एयरलाइंस पर अभी आठ हजार करोड़ रूपए का कर्ज है और उसका लाइसेंस निलंबित है। बैंकों ने इस बड़े कर्ज की भरपाई के कोई आसार न देखते हुए इसकी माल्या की गिरवी रखी प्रॉपर्टीज को बेचने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इस प्रक्रिया में कर्जदाताओं के हाथ मात्र एक हजार करोड़ रूपए ही आ पाएंगेए लिहाजा उन्होंने ब्रांड को बेचना तय किया। माना जा रहा है कि किंगफिशर ब्रांड की अभी मार्केट वैल्यू करीब 4000 करोड़ रूपए है। पहले ही इस एयरलाइंस को बंद करने के मामले में इसके खिलाफ 27 याचिकाएं दायर की गई हैंए लेकिन उनमें से यह सबसे गंभीर कदम है। मार्च 2013 में एयरलाइंस का घाटा 16ए23ण्5 करोड़ रूपए था और इसका नेटवर्थ माइनस 12.918 करोड़ रूपए था।

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