टी20 वलर््डकप में टीम इंडिया की हार में सबसे बड़े विलेन बने युवराज सिंह। फाइनल मैच में युवराज ने टीम इंडिया की पारी में बेहद धीमी बल्लेबाजी की और 2007 विश्व कप में जीता का हीरो साबित हुआ ज़ीरो।
पहले टी.20 विश्व कप में अगर युवराज देश के सबसे बड़े हीरो बने थेए तो बांग्लादेश में हुए टी.20 विश्व कप में युवराज बने टीम इंडिया के विलेन। टीम इंडिया का विजयरथ अगर फाइनल में थमाए तो उसकी बड़ी वजह सिर्फ ये बल्लेबाज़ बना। सिक्सर किंग के नाम से मशहूर ये बल्लेबाज़ वल्र्ड टी.20 के फाइऩल में रनों के लिए ऐसा जूझा कि भारतीय पारी पूरी तरह से ट्रैक से उतर गई।
जब युवराज से तूफानी पारी की उम्मीद तब युवी का बल्ला एक.एक रन के लिए भी तरस गया। फाइनल मुकाबले में युवराज 21 गेंदों तक क्रीज़ पर टिकेए लेकिन उनके बल्ले से सिर्फ 11 रन निकले। एक नहीं दो नहींए बल्कि युवराज ने 21 में से 10 गेंदों में कोई रन भी नहीं बनाया और छक्का चौका तो छोडि़ए युवी एक बार दो रन नहीं ले पाए।
वैसे पूरे टूर्नामेंट में युवराज का बल्ला रनों के लिए तरसता रहा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में युवी के बल्ले से अर्धशतक ज़रूर निकलाए लेकिन वो पुरानी वाली बात नहीं दिखी। पूरे टूर्नामेंट में युवी ने 6 मैच में सिर्फ 20 की साधारण औसत से सिर्फ 100 रन बनाए और टी.20 के लिहाज़ से 98 ;98ण्03द्ध का स्ट्राइक रेट खराब ही कहा जाएगा। अगर 60 रन की पारी हटा दी जाए तो युवी ने बाकी 5 मुकाबलों में 60 गेंदों में महज़ 40 रन बनाए।
साफ है युवराज टीम इंडिया के लिए इस विश्व कप में ज़ीरो साबित हुएए अब पहले से ही वनडे और टी.20 से बाहर युवी का करियर और मुश्किल में चला गया है और अब आने वाले कुछ समय में युवी को टीम इंडिया में जगह मिलना नामुमकिन ही लगता है।
हालांकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने युवराज का बचाव किया है। धोनी का कहना है कि युवराज ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश कीए लेकिन आज युवी का दिन नहीं थी। धोनी ने कहा कि युवराज नहीं हैं मैच के विलेन। युवी अभी भी हैं टी.20 में नंबर 4 पर खतरनाक बल्लेबाज yuvraj singhहै।

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