मुरादनगर. गाजियाबाद के मुरादनगर में रविवार को श्मशान घाट में हुए हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी। प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। इस वक्त मुरादनगर हादसे में मारे गए तीन लोगों की लाशें उनके परिवार वालों ने गाजियाबाद मेरठ हाईवे पर रखकर जाम कर दिया है। प्रदीप और सुनील चाचा भतीजे थे, जिनकी हादसे में मौत हो गई है । सुनील के दो छोटे बच्चे हैं। परिवार वालों का कहना है कि अब इनकी देखभाल कौन करेगा। इस प्रदर्शन की वजह से गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले रास्ते पर भयंकर जाम लग गया है। पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद है लेकिन परिवार लाशें उठाकर अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं हैं।
आपको बता दें कि  गाजियाबाद के मुरादगर इलाके में रविवार को एक श्मशान घाट पर दर्दनाक हादसा हुआ। श्मशान घाट में छत ढह जाने से 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हो गए। पीड़ितों में करीब सभी लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे। पुलिस ने इस मामले में तीन गिरफ्तारियां कर ली हैं। जिन लोगों की गिरफ्तारी की गई है, उनमें नगर पालिका परिषद की ईओ निहारिका सिंह,जे ई चंद्रपाल और सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया गया है। अभी तक ठेकेदार पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाया है, वो फरार है।
छत के नीच खड़े थे लोग
पुलिस ने बताया कि जब छत ढही, तो बारिश से बचने के लिए कई लोग इमारत के नीचे खड़े थे जिसे हाल ही में बनाया गया था। इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, वे सभी पुरूष और जयराम के रिश्तेदार या पड़ोसी थे, जिनका उस वक्त वहां अंतिम संस्कार किया जा रहा था। बचावकर्मी यह सुनिश्चित करने के लिए घंटों तक मलबा हटाते रहे कि कहीं कोई और उसमें न फंसा हो। यह हादसा मुरादनगर के उखलारसी में हुआ और इस घटना के बाद श्मशान घाट पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे। उसके बाद पुलिस पहुंची और फिर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की इकाई पहुंची। सभी मलबे से मृतकों एवं घायलों को निकालने में जुट गये।

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