गुवाहाटी. इस साल असम में विधानसभा के चुनाव होने हैं। चुनाव को लेकर राज्य में माहौल अभी से गर्मा चुका है। राज्य की सत्ता में वापसी की राह तलाश रही कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को बड़े ऐलान किए। कांग्रेस पार्टी ने असम में किसानों के लोन माफ करने का ऐलान किया। इतना ही नहीं, कांग्रेस पार्टी ने राज्य में माइक्रो फाइनेंस लोन भी माफ करने की बात कही है। इन वादों के अलावा कांग्रेस ने असम में मिनिमम गारंटी स्कीम ‘न्याय’, गरीब व मीडिल क्लास परिवारों को 120 यूनिट तक फ्री बिजली और हर परिवार को कम से कम एक नौकरी दिलाने का प्रयास करेगी। राज्य में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने मीडिया से बातचीत के दौरान इन वादों की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की स्थिति बहुत खराब है क्योंकि उत्पादन की लागत बहुत अधिक है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्राप्त किए बिना, वे कम दाम में अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं। अगर कांग्रेस राज्य में सत्ता में आती है, तो वह किसानों के कर्ज को माफ कर देगी, जैसे कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकारों ने किया। बोरा ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोग खासकर महिलाएं माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं से लोन लेते हैं। ऐसे लोगों को बहुत उत्पीड़न का सामना करना पड़तता है।
असम में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, विशेषकर महिलाओं को सूक्ष्म वित्त संस्थानों और मनी लेंडर्स से बचाने के लिए विधानसभा सत्र में एक विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया गया है। रिपुन बोरा ने कहा कि हमें इस बिल से कोई परेशानी नहीं है लेकिन लेकिन महिला सशक्तीकरण पार्टी के लिए प्राथमिकता है और जब हम सत्ता में आएंगे, तब महिलाओं के लिए सभी प्रकार के सूक्ष्म वित्त ऋण माफ कर दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यूनतम आय गारंटी योजना- न्याय (Nyuntam Aay Yojana) को भी लागू करेगी, जो पिछले लोकसभा चुनावों में पार्टी के घोषणापत्र में शामिल थी। बोरा ने बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई योजना की अवधारणा में मदद की। कांग्रेस ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान राजीव गांधी ग्राम विद्युतिकरण योजना शुरू की थी, जिसके तहत 13.55 लाख परिवारों को 30 यूनिट बिजली फ्री दी जाती है, जो वर्तमान भाजपा सरकार में जारी है।
बोरा ने कहा कि राज्य में पॉवर सप्लाई बड़ा मुद्दा है, बिजली के दाम बढ़े हैं लेकिन लोगों के इनकम में कोई इजाफा नहीं हुआ है। अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य के ज्यादातर लोगों के राहत दी जाएगी। राज्य में 60 लाख गरीब और मीडिल क्लास परिवारों को 120 यूनिट तक फ्री बिजली दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी बहुत बड़ा विषय है। भाजपा ने युवाओं को 25 लाख नौकरियां देने का वादा किया था, जो चुनावी जुमला साबित हुआ क्योंकि अभी भी 1 लाख पद खाली पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ‘एक परिवार, एक नौकरी’ की पॉलिसी अपनाएगी और योग्यता के अनुसार उचित भर्ती नीति होगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम रोजगार प्रदान कर सकें। विशेषज्ञ इस पर विस्तार से मंत्रणा कर रहे हैं और चुनावी घोषणा पत्र में इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। बोरा ने कहा कि किसी को यह संदेह नहीं होना चाहिए कि ये घोषणाएं “केवल चुनावी वादे हैं लेकिन हर किसी को यह भरोसा देते हैं कि कांग्रेस अर्थव्यवस्था को मैनेज करना जानती है।”
रिपुन बोरा ने कहा कि जब कांग्रेस ने असम की सत्ता की बागडोर संभाली थी, तब राज्य के खजाने खाली पड़े थे, कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिल रही थी लेकिन सीएम पद की शपथ लेने के बाद तरुण गोगोई ने इस तरह से काम किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है, जो राज्य के असाधारण सामाजिक ताने-बाने का हिस्सा है, और लोगों को धर्म, समुदाय और भाषा के आधार पर विभाजित नहीं करती है, जो भाजपा सत्ता संभालने के बाद से कर रही है।

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