लखनऊ. यूपी की राजधानी लखनऊ के बाद अब वाराणसी नगर निगम 200 करोड़ का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य के नगर निकायों को स्वावलंबी बनाने की मुहिम तेजी से रंग ला रही है. बता दें कि लखनऊ नगर निगम ने हाल ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में अपना म्युनिसिपल बॉन्ड जारी किया था और अब इसके बाद वाराणसी नगर निगम पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी का बॉन्ड जारी करेगा.
एक बयान में राज्य सरकार ने कहा कि वाराणसी नगर निगम ने बॉन्ड की पहले ही तैयारी करनी शुरू कर दी थी, इसके जरिए धनराशि जुटाई जाएगी. उस धनराशि को फिर वाराणसी के विभिन्न बुनियादी ढांचागत योजनाओं और विकास में निवेश किया जाएगा. सरकार के मुताबिक, म्युनिसिपल बॉन्ड जारी होने के बाद नगर निगम की जनता में छवि अच्‍छी होगी और इससे दुनियाभर में निवेश को बढ़ावा मिलने में मदद मिलेगी.
काशी में आएगी विकास की बहार
इस बजट से वाराणसी में विकास की बहार आ जाएगी. इससे विभिन्न सेक्टरों की उन्नति होगी और साथ ही सरकार की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. इसके अलावा इस बजट की राशि से घाटों का विकास, रिंग रोड, श्री काशी विश्वनाथ धाम, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, फ्लाईओवर, सीएनजी से चलने वाली ट्रेनें और नाव और वायुमार्ग से कनेक्टिविटी जैसे कार्य किए जाएंगे.
शेयर मार्केट और आर्थिक मामलों के एक्सपर्ट के अनुसार, नगर निगम द्वारा जारी किए गए 200 करोड़ के बॉन्ड के मायने काफी अहम हैं. लॉन्ग टर्म में ये व्यवस्था यूपी के विकास को बूस्ट करेगी. एक शेयर कंपनी के वाइस प्रेजिडेंट और सीनियर फाइनेंशियल एक्सपर्ट मृदुल वर्मा ने बताया कि हर कोई अपना बॉन्ड जारी नहीं कर सकता. कम से कम तीन साल की बैलेंस शीट अच्छी होने पर ही BSE अपने यहां लिस्ट करती है. यानी इस बॉन्ड का जारी होना वाराणसी नगर निगम के अच्छे हालात दिखाता है. दूसरा अगर नगर निगम 200 करोड़ रुपये बैंक से ब्याज पर लेता तो वो अधिक होता, बॉन्ड के माध्यम से कम ब्याज जाएगा. ऐसे में नगर निगम के प्रोजेक्ट की लागत कम होगी. इससे लोगों को कम रेट पर फ्लैट मिल पाएंगे.

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